Share Market Closing: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से करीब 400 अंक फिसलकर लाल निशान पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,550 के नीचे लुढ़क गया। अमेरिकी डॉलर के 5 महीने के ऊपरी स्तर पर बने रहने और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। मेटल शेयरों में भारी मुनाफावसूली हुई, हालांकि रिलायंस और एशियन पेंट्स जैसे दिग्गज शेयरों ने बाजार को कुछ संभाला।
बाजार की शुरुआत हरे निशान पर हुई थी लेकिन क्लोजिंग लाल निशान पर हुई। गुरुवार को शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद आखिरकार सेंसेक्स 148.08 अंक गिरकर 83,311.07 के स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती तेजी के बावजूद दिनभर मुनाफावसूली और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा।
बाजार टूटने की 4 बड़ी वजहें
1. FII की लगातार बिकवाली: विदेशी निवेशकों ने मंगलवार को ₹1,067 करोड़ के शेयर बेचे, जो लगातार पांचवां दिन था जब वे नेट सेलर बने रहे। लगातार बिकवाली से बाजार की धारणा कमजोर हुई और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।
2. डॉलर की मजबूती: अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100.16 के स्तर पर पहुंच गया, जो 5 महीने का उच्च स्तर है। मजबूत डॉलर से कमोडिटी कीमतों पर दबाव आया और निफ्टी मेटल इंडेक्स करीब 2% टूटा। हिंडालको और ग्रासिम जैसे शेयरों में 6% तक गिरावट आई।
3. मुनाफावसूली ने तोड़ी तेजी: शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 83,836 तक पहुंचा था, लेकिन बैंकिंग, फाइनेंशियल और मेटल सेक्टर में मुनाफावसूली से बाजार धीरे-धीरे फिसलकर 83,422 के स्तर पर आ गया।
4. एक्सपायरी डे की वोलैटिलिटी: साप्ताहिक डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव रहा। ट्रेडर्स ने पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स क्लोज किए और नई पोजिशन रोलओवर की, जिससे इंडेक्स में तेज झटके लगे।
6 नवंबर को शेयर बाजार की शुरुआत मिली-जुली रही। बीएसई का सेंसेक्स 57 अंकों की हल्की बढ़त के साथ 83,516 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का निफ्टी मामूली गिरावट के साथ 4 अंक टूटकर 25,593 पर खुला। शुरुआती कारोबार में बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल देखने को मिला।
ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई इंडेक्स 1.11% बढ़कर 50,768 पर, कोरिया का कोस्पी 1.32% चढ़कर 4,057 पर, हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.63% बढ़कर 26,357 पर और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.88% की बढ़त के साथ 4,004 पर कारोबार कर रहा है। वहीं अमेरिकी बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। 5 नवंबर को डाउ जोन्स 0.48% की बढ़त के साथ 47,311 पर बंद हुआ, जबकि नैस्डैक कंपोजिट और S&P 500 क्रमशः 0.65% और 0.37% की तेजी के साथ बंद हुए।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की बात करें तो, 4 नवंबर को FII ने ₹6,728 करोड़ के शेयर बेचे, जबकि DII ने ₹1,202 करोड़ के शेयर खरीदे। अक्टूबर महीने में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने ₹14,610 करोड़ का निवेश किया, जबकि सितंबर में उन्होंने ₹35,301 करोड़ के शेयर बेचे थे। उस दौरान घरेलू निवेशकों ने ₹65,343 करोड़ की नेट खरीदारी की थी।
इससे पहले, 4 नवंबर को शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 519 अंक टूटकर 83,459 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 165 अंकों की गिरावट के साथ 25,597 पर बंद हुआ था।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)