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Share Market Today: Sensex 600 अंक से ज्यादा टूटा; बैंकिंग और फार्मा शेयरों ने बढ़ाया दबाव

शेयर बाजार में आज सुस्ती का माहौल है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में बिकवाली हावी है। सेंसेक्स जहां 600 अंक से ज्यादा टूट गया है। वहीं, निफ्टी में 170 अंक से ज्यादा की गिरावट आई है।

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बाजार में गिरावट का रुख जारी

Share Market Today : घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। ग्लोबल संकेतों के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे शुरुआती कारोबार में Sensex 600 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 24,100 के नीचे फिसल गया। सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग, फार्मा और फाइनेंशियल शेयरों में देखने को मिला। हालांकि, ऑटो सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की। शुरुआती कारोबार में Nifty 170 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,012.90 अंक तक फिसल गया। वहीं, Sensex 600 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,854.65 अंक तक फिसल गया।

क्यों दबाव में आया बाजार?

बाजार पर कई मोर्चों से दबाव दिखाई दिया। एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, गिफ्ट निफ्टी में गिरावट और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली भी की। हालांकि, अमेरिकी बाजारों से मिले संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं रहे। नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मजबूती देखने को मिली, लेकिन उसका असर भारतीय बाजार पर सीमित रहा।

किन सेक्टरों में सबसे ज्यादा दबाव

बाजार में लगभग सभी प्रमुख सेक्टर लाल निशान में हैं। निफ्टी बैंक करीब 1 फीसदी कमजोर है। फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में करीब एक फीसदी की गिरावट आई है। इसके अलावा फार्मा इंडेक्स करीब 1.30% टूट गया है। वहीं, पिछले 2 सत्र से मजबूती में चल रहा Nifty PSU Bank इंडेक्स भी 1 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।

ऑटो शेयरों ने दिखाई मजबूती

कमजोर बाजार के बीच ऑटो सेक्टर निवेशकों के लिए राहत लेकर आया। निफ्टी ऑटो करीब 0.66% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। इससे साफ है कि चुनिंदा सेक्टरों में खरीदारी अभी भी बनी हुई है।

ग्लोबल मार्केट से क्या संकेत मिले?

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हैंगसेंग में जहां कमजोरी का रुख है। वहीं, Nikkei 225 मजबूती के साथ कारोबार करता दिख रहा है। इसी तरह KOSPI में भी मजबूती का ट्रेंड है। उधर अमेरिकी बाजारों में नैस्डैक और एसएंडपी 500 में मजबूती रही, जबकि डाउ जोंस फ्यूचर्स हल्की गिरावट में कारोबार करता दिखा।

कच्चे तेल में तेजी भी चिंता की वजह

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भारत जैसे आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर असर पड़ सकता है। इसकी वजह से डॉलर के मुकाबले रुपया भी दबाव में है। शुरुआती कारोबार में डॉलर के सामने रुपये करीब 11 पैसे कमजोर हुआ।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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