Share Market Closing: 22 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स-निफ्टी में उठा-पटक देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने ही गिरावट के साथ कारोबार शुरू किया और लाल निशान पर ही बंद हुए। शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 465 अंकों की गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुआ। इस दौरान सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 21 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
आईटी स्टॉक्स में सबसे ज्यादा गिरावट
आज शेयर बाजार पर निवेशकों की ख़ास नजर रहेगी, क्योंकि H‑1B वीजा शुल्क बढ़ने से IT कंपनियों पर दबाव है, जबकि GST कटौती से आज से देश में कई कंज्यूमर प्रोडक्ट्स सस्ते हो जाएंगे। इससे FMCG, ऑटो और रिटेल सेक्टर में तेजी की उम्मीद है। ऐसे में आज बाजार में सेक्टोरल उतार‑चढ़ाव देखने को मिल सकता है। सबसे ज्यादा गिरावट आज आईटी स्टॉक्स में देखने को मिल रही है। TCS, Infosys से लेकर TechMahindra के शेयर लाल निशान पर हैं। ट्रंप के H1 B वीजा के चलते भारतीय IT कंपनियों का ऑपरेटिंग खर्च बढ़ जाएगा और उनका मुनाफा घट सकता है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर की कंपनियों पर देखने को मिलेगा।
इन शेयरों में गिरावट, अडानी पोर्ट में तेजी
सेंसेक्स के 30 में से 16 शेयरों में गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं जबकि टेक महिंद्रा, इंफोसिस, HCL टेक, TCS के शेयरों में बिकवाली और ट्रम्प के H1 B के चलते 4.5% तक लुढ़क गए हैं। वहीं अडानी पोर्ट्स और पावर ग्रिड हरे निशान पर तेजी के साथ कारोबार कर रहे है। निफ़्टी 50 का IT इंडेक्स सबसे ज्यादा करीब 3% गिरा है। FMCG, फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में भी गिरावट है। ऑटो, मीडिया और मेटल में मामूली बढ़त है।
बीते शुक्रवार को भारतीय बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी। बीएसई सेंसेक्स 387.73 अंक या 0.47% गिरकर 82,626.23 पर बंद हुआथा, जबकि एनएसई निफ्टी 50 96.55 अंक या 0.38% गिरकर 25,327.05 पर बंद हुआ था।
(Disclaimer: यह लेख केवल सूचना देने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है और इसे किसी प्रकार की निवेश सलाह के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल अपने पाठकों/दर्शकों को सलाह देता है कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।)
