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बाजार खुलते ही मचेगी तबाही, टोक्यो से लंदन तक हाहाकार, 400 अंक गैप डाउन खुल सकता है निफ्टी

शेयर बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर गहराता जा रहा है। सोमवार सुबह तमाम एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली हावी है। वहीं, इससे पहले शुक्रवार के सत्र में भारतीय बाजार भले ही हरे निशान में बंद हुआ। लेकिन, अमेरिकी और यूरोपीय बाजारों में भारी गिराटव हुई।

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शेयर बाजार में बढ़ती जा रही गिरावट

Share Market Today 23 March: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार के लिए संकेत कमजोर नजर आ रहे हैं। GIFT Nifty करीब 340 अंक गिरकर 22,794 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो साफ संकेत देता है कि घरेलू बाजार दबाव में खुल सकते हैं। ग्लोबल स्तर पर बिकवाली का माहौल बना हुआ है। अमेरिका के प्रमुख इंडेक्स S&P 500 और Nasdaq में 1.5% से 2% तक की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एशियाई बाजारों में भी तेज कमजोरी देखने को मिल रही है।

मार्केटइंडेक्सलेटेस्ट लेवल (LTP)बदलाव (अंक)% बदलावट्रेंड
USDow Jones Futures45,626.36+50.88+0.11%Very Bearish
USS&P 5006,506.48-100.01-1.51%Very Bearish
USNasdaq21,647.61-443.08-2.01%Very Bearish
EuropeFTSE 1009,918.33-145.17-1.46%Bearish
EuropeCAC 407,665.62-142.25-1.86%Very Bearish
EuropeDAX22,380.19-459.37-2.05%Very Bearish

क्यों बढ़ा दबाव? तीन बड़े कारण

  1. पहला, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है, जिससे महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है।
  2. दूसरा, कच्चे तेल की कीमतें ऊंचाई पर हैं—ब्रेंट क्रूड 112 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, जो भारत जैसे आयातक देश के लिए नकारात्मक संकेत है।
  3. तीसरा, घरेलू अर्थव्यवस्था से भी कमजोर संकेत मिल रहे हैं—कोर सेक्टर ग्रोथ फरवरी में घटकर 2.3% रह गई है, जो इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए चिंता का संकेत है।

टेक्निकल व्यू: “Sell on Rise” का संकेत

HDFC सिक्योरिटीज के नागराज शेट्टी के मुताबिक, निफ्टी में हालिया उछाल टिकाऊ नहीं है। डेली चार्ट पर Doji पैटर्न बनना बाजार की कमजोरी को दिखाता है। शेट्टी के मुताबिक 23,380 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस बन गया है। जबकि, 22,900 के सपोर्ट के टूटने के बाद नीचे गिरावट तेज हो सकती है। इसके बाद अगला डाउनसाइड टारगेट 22,500 है। यानि मौजूदा ट्रेंड में हर उछाल पर बिकवाली हावी रह सकती है।

ग्लोबल मार्केट का हाल: हर तरफ लाल निशान

सोमवार सुबह 23 मार्च को एशियाई बाजारों की हालत पस्त है। जापानी बेंचमार्क निक्केई 3.6% की गिराव्ट के साथ ट्रेड कर हरा है। हांग कांग का हैंगसेंग 3% से ज्यादा गिर चुका है। वहीं, इससे पहले शुक्रवार को यूरोप के DAX और CAC में भी 2% के आसपास गिरावट दर्ज हुई। जबकि, अमेरिका में Nasdaq 2% टूटा, जो टेक सेक्टर की कमजोरी को दिखाता है।

इंडेक्सलेटेस्ट लेवल (LTP)बदलाव (अंक)% बदलावट्रेंड
Nikkei 22551,437-1,935.53-3.63%Bearish
Hang Seng24,475-802.32-3.17%Very Bearish
Shanghai Composite3,871.55-85.50-2.16%Bearish
Taiwan Weighted32,803.12-740.76-2.26%Bullish
KOSPI5,463.41-317.79-5.82%Bullish
Straits Times4,863.17-85.70-1.76%Neutral
Jakarta Composite7,106.84+84.55+1.19%Very Bearish

कमोडिटी और करेंसी: खतरे का संकेत

कच्चा तेल मजबूत बना हुआ है, जबकि सोना दबाव में है। यह बताता है कि बाजार में रिस्क-ऑफ और महंगाई की आशंका दोनों साथ चल रहे हैं। USD/INR भी 93.71 के ऊपर है, जो रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेश के दबाव को दर्शाता है।

सेगमेंटइंस्ट्रूमेंटलेटेस्ट लेवल (LTP)बदलाव% बदलावट्रेंड
CommodityBrent Crude112.66+0.47+0.42%Very Bullish
CommodityCrude Oil98.95+0.72+0.73%Very Bullish
CommodityGold4,372.89-115.83-2.58%Bearish
CurrencyDollar Index99.67+0.03+0.03%Neutral
CurrencyUSD/INR93.71+1.07+1.16%Rupee Weak

निवेशकों के लिए क्या रणनीति?

मौजूदा संकेत बताते हैं कि बाजार में अभी स्थिरता नहीं आई है। ग्लोबल अनिश्चितता, महंगे कमोडिटी और घरेलू ग्रोथ स्लोडाउन के तीनों फैक्टर मिलकर बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स के लिए “रैली में बिकवाली” की रणनीति बेहतर रह सकती है, जबकि लॉन्ग टर्म निवेशकों को फिलहाल धैर्य रखने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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