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Hartalika Teej 2026 Bhajan Aur Geet: हरितालिका तीज की रात गाएं माता पार्वती और शिव जी के ये प्रसिद्ध भजन, मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदान, तीज के गानों के लिरिक्स हिंदी में

Hartalika Teej 2026 Bhajan Aur Geet: हरितालिका तीज पर व्रत रखने के साथ ही भजन गाने की परंपरा है। आइए जानते हैं कि हरितालिका तीज के भजन कौन से हैं।

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हरितालिका तीज के भजन और गीत

Hartalika Teej 2026 Bhajan Aur Geet: हरतालिका तीज का पर्व इस साल 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने के साथ ही व्रत रखना शुभ माना जाता है। सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। तीज की रात में भगवान शिव और पार्वती के भजन गाकर रात्रि जागरण किया जाता है। इस दिन गौरा-शंकर के विवाह, माता पार्वती की तपस्या और सुहाग की कामना से जुड़े गीत गाने से भगवान शिव और गौरा की कृपा प्राप्त होती है। यहां हम आपको हरितालिका तीज के कुछ भजन बताने जा रहे हैं।

1. मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

माथे को मांग में लाल लाल बिंदिया,

सिंदूर भरी रहे मांग, गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

कानों को मांग में सोने के झुमके,

गले में हों मोतियों का हार गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

हाथों को मांग में हरी हरी चूड़ियां,

मेहंदी रचे दोनों हाथ गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

कमर को मांग में सोने की तगड़ी,

गुच्छे हों झुंघरदार गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

पैरों को मांगू में बाजनी सी पायल,

बिछिया हों झुंघरदार गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

आंगों को मांगू में लाल लाल सारी,

चुनरी हो गोटेदार गौरा रानी से,

मांगन चली है सुहाग, गौरा रानी से।

2. गौरा शादी को शिव से मचल गई है

गोरा शादी को शिव से मचल गई रे,

गजब भयो रामा जुलम भयो रे।

एक दिन नारद ने राह में देखा,

शिव से बड़ी बेटी ऐसी है रेखा,

गौरा करने को तपस्या जंगल गई रे,

गजब भयो...

बैठी है गौरा आसन लगाए,

शिव भोले को ध्यान लगाए,

शिव की भक्ति में ऐसी मगन भई रे,

गजब भयो...

एक दिन जंगल में सप्त ऋषि आए,

लेन परीक्षा शंकर पठाए,

गौरा अपने प्रण से नहीं डिगी रे,

गजब भयो...

गौरा से बोले ऋषि जाओ तुम घर को,

हमने है ढूंढा सुखी वर तुमको,

गौरा अपनी शिव पे अटल रही रे,

गजब भयो...

ऋषियों ने जाकर शिव को सुनाया,

वो है आदि शक्ति महामाया,

गौरा मैया की शादी भोले से भाई रे,

गजब भयो...

3. मिले सातों जनम का प्यार

मिले सातों जनम का प्यार,

मिले सातों जनम का प्यार मेरे बालम का।

हो खुशियों का संसार पिया मन भावन का।

मिले सातों जनम का प्यार,

मिले सातों जनम का प्यार मेरे बालम का।

हे भोले बाबा, हे गौरा रानी,

मांगूं मैं ये वरदान,

सदा सुहागन का रहे,

सातों जनम का साथ मेरे बालम का।

तीज का व्रत त्योहार किया है,

सजना के नाम का,

सिंदूर किया है,

चमके मांग में सिंदूर साजन के अभिमान का।

हे भोले बाबा, हे गौरा रानी,

मांगूं मैं ये वरदान,

सदा सुहागन का रहे,

सातों जनम का साथ मेरे साजन का।

सिंदूर सजाई मैंने,

ओढ़ी चुनरिया,

मेरा तो जान है मेरा सांवरिया,

कभी कम न हो ये प्यार पिया की चाहत का।

हे भोले बाबा, हे गौरा रानी,

मांगूं मैं ये वरदान,

सदा सुहागन का रहे,

जनम-जनम का साथ मेरे साजन का।

4. सजे है अंबर, सजी है धरती

सजे है अंबर, सजी है धरती,

सजी पूरी आकाश जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

घूंघट में चंदा सी लगे मेरी मैया पार्वती,

मनमोहक सा रूप है, लगे मेरे भोलेनाथ की।

मिलन की मंगल घड़ी है आई,

शक्ति शिव के साथ जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

सजी है काशी, सजी उज्जैनी,

सजी पूरी कैलाश जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

थामा हाथ मां गौरा का मेरे भोलेनाथ ने,

वचन दिया है साथ रहेंगे हर मुश्किल हालत में।

मिलन की मंगल घड़ी है आई,

शक्ति शिव के साथ जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

सजी हिमाचल, सजी हिमालय,

सजी पूरी बारात जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

सात फेरों से आज बनेगी,

पार्वती भोलेनाथ की,

पुष्प की वर्षा देव करें,

नमन करे हर बार जी।

मिलन की मंगल घड़ी है आई,

शक्ति शिव के साथ जी,

गौरा जी को लेने आए मेरे भोलेनाथ जी।

5. सांसों की माला पे सिमरूं मैं शिव का नाम

सांसों की माला पे,

सिमरूं मैं शिव का नाम।

अब तो दुनियादारी से है,

मेरा क्या काम।

शिव के रंग में ऐसी डूबा,

बन गया एक ही रूप,

शिव की माला जपते-जपते,

हो गई सुबह-शाम।

सांसों की माला पे,

सिमरूं मैं शिव का नाम।

शिवजी मेरे दिल में बसे हैं,

संग रहें दिन-रात,

अपने मन की मैं जानूं,

सबके मन की राम।

सांसों की माला पे,

सिमरूं मैं शिव का नाम।

शिवजी मेरे अंतर्यामी,

शिवजी मेरे स्वामी,

शिवजी के चरणों में अर्पण,

ये जीवन तमाम।

सांसों की माला पे,

सिमरूं मैं शिव का नाम।

प्रेम प्याला जबसे पिया है,

जी का है ये हाल,

अंगारों पे नींद आ जाए,

और कांटों पे आराम।

सांसों की माला पे,

सिमरूं मैं शिव का नाम।

6. जब जिद पे आ गई पार्वती

जब जिद पे आ गई पार्वती, पार्वती, पार्वती,

समझाने पहुंचे सप्तऋषि।

काय जिद कर रही, काय जिद कर रही,

ऐसे वर के लाने।

जाके सीस पे गंगा और गले में डाले फिर रहे सांप,

इतने सीधे-सादे हैं सब कहते भोलेनाथ, भोलेनाथ।

ना खपरा ना छपरा, ना फूस की धर मेंड़या,

का खावे को धरो वहां बस रेतत रहत लड़ैया।

भेष धरे अवधूत फिरे,

अब तुमसे का कहें बिंदु,

डोंगर-डांगर ले घूमें,

वे इनके कछु नइया।

काय जिद कर रही, काय जिद कर रही,

ऐसे वर के लाने।

7. भोले बाबा इतना देना

भोले बाबा इतना देना,

सातों जनम का साथ मिले,

मेरे साजन के संग-संग,

जीवन भर खुशियों की बात मिले।

हरतालिका का व्रत किया है,

मन में आस जगाई,

गौरा रानी मेरी सुन लेना,

तेरी शरण में आई।

मांग में मेरे सिंदूर सजे,

हाथों में चूड़ी खनके,

मेहंदी रचे साजन के नाम की,

पायल छनके-छनके।

गौरा जैसी भक्ति दे माता,

शिव जैसा विश्वास,

सुख-दुख में हम साथ रहें,

जीवन भर बना रहे साथ।

8. आई हरतालिका तीज सुहानी

आई हरतालिका तीज सुहानी,

झूम रही हैं सखियां सारी,

मेहंदी वाली हथेली देखो,

सजी हुई है चुनर धानी।

चलो सखियों गौरा पूजें,

आज तीज का त्योहार,

फूलों से थाली सजाएं,

गाएं शिव के गीत अपार।

चूड़ी खनके, पायल छनके,

मेहंदी की खुशबू आए,

लाल चुनरिया ओढ़ के गौरा,

शिव के मन को भाए।

शिव की पूजा, गौरा का नाम,

हर घर में गूंजे हर-हर नाम,

हर सुहागन की यही पुकार,

सदा बना रहे साजन का प्यार।

9. गौरा मैया सुन लो विनती

गौरा मैया सुन लो विनती,

तेरे द्वारे आई,

हरतालिका का व्रत रखकर,

तेरी शरण में आई।

शिव-गौरा की जोड़ी प्यारी,

सबसे न्यारी, सबसे प्यारी,

माथे पर बिंदिया, मांग में सिंदूर,

सजती रहे दुनिया हमारी।

गौरा जैसा धीरज देना,

शिव जैसा विश्वास,

मेरे जीवन के हर मौसम में,

बना रहे साजन का साथ।

सुखी रहे मेरा घर-आंगन,

खुशियों से भर जाए जीवन,

भोले बाबा और गौरा मैया,

रखना सदा अपनी छाया।

हरतालिका तीज पर क्यों गाए जाते हैं ये भजन

हरतालिका तीज की पूजा में माता पार्वती की तपस्या, भगवान शिव को पति रूप में पाने का उनका संकल्प और शिव-पार्वती विवाह से जुड़े गीत गाए जाते हैं। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ सुहाग के गीत भी गाती हैं। माना जाता है कि इससे माता गौरा और शिव जी प्रसन्न होते हैं।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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