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SEBI Call Auction:आईपीओ शेयरों के ‘कॉल ऑक्शन' का बदला नियम, सेबी की हेरा-फेरी पर नजर

SEBI Call Auction Rule: सेबी ने कहा कि लिस्टिंग के पहले का कॉल ऑक्शन सत्र सुबह नौ बजे से शुरू होकर 60 मिनट तक का होगा। इसमें से 45 मिनट ऑर्डर को दर्ज करने, संशोधन और निरस्त करने के लिए, 10 मिनट ऑर्डर के मिलान एवं सौदा पुष्टि के लिए और बाकी पांच मिनट सामान्य कारोबारी सत्र की दिशा में बढ़ने की बफर अवधि होंगे।

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सेबी के नए नियम

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SEBI Call Auction Rule:भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) वाले शेयरों की लिस्टिंग के पहले के कॉल ऑक्शन सत्र में दुरुपयोग रोकने के मकसद से शेयर बाजारों के लिए अतिरिक्त निगरानी उपाय जारी किए हैं। असल में आईपीओ वाले शेयर की बाजार में लिस्टिंगग के दिन का शुरुआती एक घंटा कॉल ऑक्शन सत्र का होता है। और यह शेयर की शुरुआती कीमत का पता लगाने का एक तरीका है। और इस दौरान होने वाली हेरा-फेरी को रोकने के लिए सेबी ने नई कवायद की है। प्री कॉल ऑक्शन के नए नियम 18 सितंबर 2024 से लागू माने जाएंगे.

सेबी के क्या हैं निर्देश

सेबी ने कहा कि लिस्टिंग के पहले का कॉल ऑक्शन सत्र सुबह नौ बजे से शुरू होकर 60 मिनट तक का होगा। इसमें से 45 मिनट ऑर्डर को दर्ज करने, संशोधन और निरस्त करने के लिए, 10 मिनट ऑर्डर के मिलान एवं सौदा पुष्टि के लिए और बाकी पांच मिनट सामान्य कारोबारी सत्र की दिशा में बढ़ने की बफर अवधि होंगे।

ऑर्डर दर्ज करने के आखिरी दस मिनट यानी 35वें और 45वें मिनट के बीच कभी भी कॉल ऑक्शन सत्र बंद हो जाएगा। सेबी ने अपने परिपत्र में कहा कि यह आकस्मिक बंदी प्रणाली से संचालित होगी।सेबी ने शेयर बाजारों को आईपीओ के पूर्व-कॉल ऑक्शन सत्रों के लिए पर्याप्त निगरानी तंत्र रखने का निर्देश दिया है ताकि किसी भी तरह की हेराफेरी से बचा जा सके।

इसके पहले सेबी ने साल 2013 में कॉल ऑक्शन की शुरुआत की थी। इस कदम के पीछे मुख्य उद्देश्य अस्थिर स्टॉक में अस्थिरता को कम करना था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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