अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो केवल बैंक का नाम देखकर निवेश करने के बजाय ब्याज दरों की तुलना करना बेहद जरूरी है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank दोनों ही ग्राहकों को आकर्षक एफडी ब्याज दरें ऑफर कर रहे हैं। हालांकि, समान अवधि की एफडी पर दोनों बैंकों की ब्याज दरों में अंतर है, जिसका सीधा असर आपकी मैच्योरिटी राशि पर पड़ता है।
4 साल की FD पर कौन दे रहा ज्यादा ब्याज?
4 साल की एफडी की बात करें तो HDFC Bank इस अवधि में SBI की तुलना में अधिक ब्याज दर ऑफर कर रहा है। ऐसे में अगर आप 6 लाख रुपये का निवेश करते हैं, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि में भी अच्छा-खासा अंतर देखने को मिलेगा।
SBI अपने सामान्य ग्राहकों को 4 साल की एफडी पर 6.30% सालाना ब्याज दे रहा है। वहीं, HDFC Bank इसी अवधि के लिए सामान्य ग्राहकों को 6.50% सालाना ब्याज ऑफर कर रहा है।
सीनियर सिटिजन की बात करें तो SBI इस अवधि पर उन्हें 6.80% ब्याज दे रहा है, जबकि HDFC Bank 7.00% सालाना ब्याज की पेशकश कर रहा है। यानी सामान्य और वरिष्ठ नागरिक दोनों ही श्रेणियों में HDFC Bank की ब्याज दर SBI से अधिक है।
6 लाख रुपये के निवेश पर कितना मिलेगा?
ब्याज दर में इस मामूली अंतर को आप उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए कोई ग्राहक एसबीआई में 4 साल की एफडी में 6 लाख रुपये जमा करता है तो सामान्य नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग 7,70,443 रुपये और सीनियर सिटिजन को लगभग 7,85,754 रुपये मिलेंगे।
वहीं, यही ग्राहक एसबीआई की जगह एचडीएफसी में 4 साल की एफडी में 6 लाख रुपये जमा करता है तो सामान्य नागरिकों को मैच्योरिटी पर लगभग 7,76,533 रुपये और सीनियर सिटिजन को लगभग 7,91,957 रुपये मिलेंगे।
| डिटेल्स | SBI | HDFC Bank |
|---|---|---|
| सामान्य ग्राहकों के लिए ब्याज दर | 6.30% | 6.50% |
| सीनियर सिटिजन के लिए ब्याज दर | 6.80% | 7.00% |
| निवेश राशि | ₹6,00,000 | ₹6,00,000 |
| सामान्य ग्राहक की मैच्योरिटी राशि | ₹7,70,443 | ₹7,76,533 |
| सीनियर सिटिजन की मैच्योरिटी राशि | ₹7,85,754 | ₹7,91,957 |
| सामान्य ग्राहक को अतिरिक्त फायदा | — | ₹6,090 अधिक |
| सीनियर सिटिजन को अतिरिक्त फायदा | — | ₹6,203 अधिक |
निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
हालांकि, एफडी में निवेश करते समय केवल ब्याज दर ही नहीं, बल्कि बैंक की विश्वसनीयता, समय से पहले निकासी (Premature Withdrawal) के नियम, टैक्स देनदारी और ब्याज भुगतान की शर्तों को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आपका उद्देश्य सुरक्षित निवेश के साथ बेहतर रिटर्न पाना है, तो अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना करना हमेशा फायदेमंद रहता है। इसके अलावा, एफडी पर ब्याज दरें समय-समय पर बदली जाती हैं। ऐसे में एफडी खुलवाने से पहले बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर लेटेस्ट एफडी रेट्स चेक करना जरूरी है।
