बिजनेस

एसबीआई का तोहफा: अग्निवीरों को बिना गारंटी मिलेगा ₹4 लाख तक का लोन, प्रोसेसिंग फीस भी शून्य

एसबीआई ने बयान में कहा कि इस ऋण योजना के तहत बैंक में वेतन खाता रखने वाले अग्निवीर बिना किसी गारंटी के चार लाख रुपये तक का ऋण हासिल कर सकते हैं। यही नहीं अग्निवीरों को ये 4 लाख रुपए का पर्सनल लोन बिना किसी गारंटर और प्रोसेसिंग फीस के मिलेगा।

Image

अग्निवीरों को बिना गारंटी मिलेगा ₹4 लाख तक का लोन (Pic Credit: Canva)

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत सरकार के अल्पकालिक अग्निपथ भर्ती कार्यक्रम के तहत अग्निवीरों के लिए एक विशेष व्यक्तिगत ऋण योजना शुरू करने की बृहस्पतिवार को घोषणा की। एसबीआई ने बयान में कहा कि इस ऋण योजना के तहत बैंक में वेतन खाता रखने वाले अग्निवीर बिना किसी गारंटी के चार लाख रुपये तक का ऋण हासिल कर सकते हैं। इसमें प्रोसेसिंग फीस पर पूर्ण छूट होगी।

बैंक ने क्या कहा?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक इसमें कहा गया कि पुनर्भुगतान अवधि अग्निपथ योजना की अवधि के अनुरूप होगी। इसके अलावा बैंक 30 सितंबर, 2025 तक सभी रक्षा कर्मियों को 10.50 प्रतिशत की न्यूनतम ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। बैंक के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा, ‘‘ एसबीआई में हमारा मानना है कि जो लोग हमारी स्वतंत्रता की रक्षा कर रहे हैं... वे अपने भविष्य के निर्माण में हमारे अटूट समर्थन के हकदार हैं।

यह शून्य-प्रसंस्करण शुल्क तो महज शुरुआत है। हम आगे भी ऐसे समाधान तैयार करते रहेंगे जो आने वाले वर्षों में भारत के वीरों को सशक्त बनाएंगे।’’ यह पहल बैंक की रक्षा वेतन पैकेज के माध्यम से भारत के सशस्त्र बलों के कल्याण के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर आधारित हैं, जो लंबे समय से अग्निवीरों के लिए उपलब्ध है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article