बिजनेस

आपके Salary Account में छिपा है एक 'सीक्रेट फंड', 98 प्रतिशत लोगों को नहीं होगा पता

Salary Account Overdraft Facility: अगर आप नौकरी करते हैं तो आपको आपके सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ओवरड्राफ्ट सर्विस को लेकर भी जानकारी होनी चाहिए। पैसों की अचानक जरूरत पड़ने पर अलग से लोन लेने की जगह सैलरी अकाउंट ओवरड्राफ्ट सुविधा एक ऐसा फाइनेंशियल टूल है जो मुसीबत में आपके काम आ सकता है।

Image

Salary Account Overdraft facility Kya Hai? (Photo: iStock)

Salary Account Overdraft Facility: नौकरी करने वाले व्यक्ति को हर महीने अपनी सैलरी का बेसब्री से इंतजार रहता है। वहीं, अकाउंट में सैलरी क्रेडिट होती नहीं है कि देखते ही देखते यह महीना खत्म होने से पहले खर्च भी हो जाती है। कई बार ऐसा भी होता है कि मेडिकल इमरजेंसी, घर का किराया या गाड़ी की मेंटेनेंस जैसे खर्चों को लेकर पैसे बच नहीं पाते। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो ये जानकारी आपके लिए बेहद काम की साबित होने वाली है। इस आर्टिकल में आपको आपके सैलरी अकाउंट पर मिलने वाली ओवरड्राफ्ट सुविधा के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जो कुछ स्थितियों में पैसों की जरूरत पूरी करने को लेकर आपके लिए एक फाइनेंशियल बैकअप की तरह काम कर सकती है-

सैलरी अकाउंट में ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी

ओवरड्राफ्ट सुविधा का मतलब है कि बैंक आपको आपके सैलरी अकाउंट के आधार पर एक तय लिमिट तक अतिरिक्त पैसे निकालने की अनुमति देता है, भले ही आपके खाते में बैलेंस न हो। यह एक तरह का प्री-अप्रूव्ड शॉर्ट-टर्म लोन होता है, जिसे आप जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं।

अलग से लोन लेने की नहीं जरूरत

इस सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको इसके लिए अलग से लोन लेने की जरूरत नहीं होती। बैंक आपके नियमित सैलरी क्रेडिट और अकाउंट हिस्ट्री के आधार पर पहले से ही लिमिट तय कर देता है। साथ ही, ब्याज केवल उतनी ही राशि पर लगता है जितनी आपने इस्तेमाल की है और उतने ही दिनों के लिए, जिससे यह किफायती विकल्प बन जाता है। यह क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन से ज्यादा बेहतर विकल्प हो सकता है। क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दर काफी ज्यादा होती है, जबकि ओवरड्राफ्ट पर ब्याज अपेक्षाकृत कम होता है और पेमेंट में भी फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है।

जरूरत के समय काम आएगी सर्विस

ओवरड्राफ्ट सुविधा खासतौर पर उन स्थितियों में काम आती है जब आपको तुरंत पैसे की जरूरत होती है। उदाहरण के लिए, अगर सैलरी आने से पहले किराया देना हो या अचानक कोई मेडिकल खर्च आ जाए, तो आप इस सुविधा का इस्तेमाल कर बिना किसी परेशानी के भुगतान कर सकते हैं।

केवल जरूरी खर्चों के लिए करें इस्तेमाल

हालांकि, इस सर्विस का इस्तेमाल समझदारी से करना बेहद जरूरी है। इसे केवल जरूरी खर्चों के लिए ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए और जैसे ही सैलरी आए, जल्दी से भुगतान भी कर देना चाहिए ताकि ब्याज कम लगे। इसे अतिरिक्त आय न समझना के बजाय एक इमरजेंसी सुविधा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article