बिजनेस

सहारा रिफंड पोर्टल से अब तक 4.2 लाख को मिला पैसा, कुल 462 करोड़ का भुगतान

Sahara Refund Portal: सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बताया कि इस वर्ष 16 जुलाई तक सहारा समूह की सहकारी समितियों के 4.2 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 362.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

Image

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल से अब तक कितना पेमेंट

Photo : BCCL

Sahara Refund Portal:सहारा ग्रुप के करोड़ों निवेशकों के लिए राहत भरी खबर है। सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए 16 जुलाई तक सहारा समूह की सहकारी समितियों के 4.2 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 362.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। पोर्टल की शुरूआत 29 मार्च, 2023 को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद हुई थी। जिस पर आवेदन करने के बाद फिलहाल सरकार प्रत्येक निवेशक को अधिकतम 10,000 रुपये का पेमेंट कर रही है। सहारा के करीब 10 करोड़ निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है। इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने 5,000 करोड़ रु सहारा-सेबी रिफंड खाते से केंद्रीय सहकारी समिति रजिस्ट्रार (सीआरसीएस) को ट्रांसफर करने के आदेश दिया था। उसके बाद से सरकार रिफंड पोर्टल के जरिए ये पैसा वापस कर रही है।

सरकार क्या बोली

सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में बताया कि इस वर्ष 16 जुलाई तक सहारा समूह की सहकारी समितियों के 4.2 लाख से अधिक जमाकर्ताओं को 362.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।शाह ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि यह वितरण ‘‘सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल’’ के माध्यम से किया गया है, जिसे 29 मार्च, 2023 को उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद शुरू किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल का उद्देश्य वैध जमाकर्ताओं को उनके धन का भुगतान करने में सहायता करना है।शाह ने कहा कि वर्तमान में, आधार से जुड़े बैंक खाते के जरिये सत्यापित दावों पर प्रत्येक वास्तविक जमाकर्ता को केवल 10,000 रुपये तक का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों को उचित पहचान और जमाराशि का प्रमाण पेश करने पर पारदर्शी तरीके से विचार किया जा रहा है।

इन 4 कंपनियों में फंसा पैसा मिल रहा है

सहारा ग्रुप की 4 सहकारी समितियों के डिपॉजिटर्स को CRCS-Sahara Refund Portal पर आवेदन के बाद पैसा मिल रहा है। इन सहकारी समितियों में सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड शामिल हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article