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डॉलर के मुकाबले रुपये की जोरदार वापसी, इतनी बढ़त के साथ बंद हुआ, जानें ताजा रेट?

सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.21 पर बंद हुआ था जो इसका सर्वकालिक निचला स्तर था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि रुपया वैश्विक बाजारों में जोखिम कम होने की धारणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध जल्द खत्म होने के संकेतों के बाद रिकॉर्ड निचले स्तर से उबर गया।

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डॉलर बनाम रुपया

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मंगलवार को रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर से जोरदार वापसी करते हुए 36 पैसे की बढ़त के साथ 91.85 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर पहुंच गया। मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कम होने की उम्मीदों के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से रुपये को मजबूती मिली। विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में बढ़त और कमजोर डॉलर ने भी भारतीय मुद्रा को मजबूती प्रदान की। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 91.92 पर खुला और 91.71 से 92.19 के दायरे में कारोबार करने के बाद 91.85 (अस्थायी) पर बंद हुआ।

सोमवार को रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था

सोमवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.21 पर बंद हुआ था जो इसका सर्वकालिक निचला स्तर था। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि रुपया वैश्विक बाजारों में जोखिम कम होने की धारणा और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान युद्ध जल्द खत्म होने के संकेतों के बाद रिकॉर्ड निचले स्तर से उबर गया। इसके अलावा, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में भारी कमी ने भी रुपये की मजबूती में मदद की है। उन्होंने कहा कि डॉलर-रुपये की विनिमय दर 91.60 से 92.20 के बीच रहने की उम्मीद है।

कच्चे तेल में भी बड़ी गिरावट

वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 8.31 प्रतिशत टूटकर 90.74 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वायदा कारोबार में मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतें आठ प्रतिशत से ज़्यादा घटकर 8,069 रुपये प्रति बैरल रह गईं। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ संघर्ष शायद खत्म होने वाला है, जिससे आपूर्ति में लंबे समय तक रुकावट आने का डर कम हो गया है। अपनी तीन दिन की बढ़त के बाद, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मार्च डिलिवरी वाले कच्चे तेल की कीमत 719 रुपये, या 8.18 प्रतिशत टूटकर 8,069 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसी तरह, एमसीएक्स में अप्रैल माह में डिलिवरी वाले अनुबंध की कीमत 531 रुपये या 6.21 प्रतिशत टूटकर 8,017 रुपये प्रति बैरल रह गई। इसमें 6,359 लॉट का कारोबार हुआ। यह गिरावट तब आई जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को, मार्च अनुबंध की कीमत 26 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़कर 10,549 रुपये प्रति बैरल के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी।

डॉलर इंडेक्स में मजबूती

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.52 प्रतिशत के नुकसान के साथ 99.33 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर, सेंसेक्स 639.82 अंक चढ़कर 78,205.98 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 233.55 अंक बढ़कर 24,261.60 अंक पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को शुद्ध आधार पर 6,345.57 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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