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2000 नोट का कल से एक्सचेंज,केवल आधे बचे, क्या 1000 के नोटों की होगी वापसी

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated May 22, 2023, 01:19 PM IST

RBI Guidelines For Note Exchange: आरबीआई ने दिसंबर 2016 में जब नोटबंदी की गई थी, तो उसके बाद आरबीआई ने 2000 के नोट जारी करने का फैसला किया था। मार्च 2018 के आंकड़ों के अनुसर उस वक्त सर्कुलेशन में 6.73 लाख करोड़ रुपये के 2000 के नोट थे। जो कि घटकर मार्च 2023 तक 3.62 लाख करोड़ पर आ गया हैं।

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2000 नोट का कल से एक्सचेंज,केवल आधे बचे, क्या 1000 के नोटों की होगी वापसी

RBI Guidelines For Note Exchange, How To Exchange 2000 Note In Bank: मंगलवार यानी 23 मई से 2000 के नोट बदलने की प्रक्रिया देश के सभी बैंकों में शुरू हो जाएगी। इस बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कई अहम जानकारियां दी हैं। उन्होंने कहा है कि लोग नोट बदलने के लिए 4 महीने का समय है, ऐसे में लोग घबराए नहीं और बैंकों में भीड़ ना लगाएं। लोग आराम से नोट बदले। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि 30 सिंतबर की डेडलाइन के बाद भी 2000 के नोट लीगल टेंडर रहेंगे यानी वैध रहेंगे। हालांकि जिस तरह से आरबीआई ने 2000 के नोट पहले से ही प्रिंट करना बंद कर दिया है, और सर्कुलेशन में नोटों की संख्या घटकर आधी रह गई है। उसे देखते हुए इस बात की संभावना है कि आरबीआई ज्यादा से ज्यादा नोट एक्सचेंज होने के बाद 2000 के नोट लीगल टेंडर नहीं रखेगा।

RBI गवर्नर ने क्या कहा

  • नोट बदलने के लिए 4 महीने का समय है, जो भी परेशानी आएगी, उसे दूर किया जाएगा।
  • 30 सितंबर तक ज्यादातर नोट हमारे पास आ जाएंगे, उसके बाद हम फैसला करेंगे।
  • 2000 के नोटों से खरीदारी कर सकते हैं। और कोई भी लेने से मना नहीं कर सकता है।

दिसंबर के बाद लीगल टेंडर से बाहर हो सकते हैं

आरबीआई ने दिसंबर 2016 में जब नोटबंदी की गई थी, तो उसके बाद आरबीआई ने 2000 के नोट जारी करने का फैसला किया था। मार्च 2018 के आंकड़ों के अनुसर उस वक्त सर्कुलेशन में 6.73 लाख करोड़ रुपये के 2000 के नोट थे। जो कि घटकर मार्च 2023 तक 3.62 लाख करोड़ पर आ गया हैं। और अगले 4 महीने में ऐसी संभावना है कि ज्यादा से ज्यादा नोट बैंकों के पास वापस हो जाएंगे। बिजनेस स्टैण्डर्ड की खबर के अनुसार अगर सब कुछ आरबीआई के प्लान के अनुसार रहीं तो दिसंबर 2023 के बाद 2000 के नोट लीगल टेंडर से बाहर हो सकते हैं। हालांकि अभी तक इस पर आरबीआई ने फैसला नहीं किया है।

क्या फिर से वापस आएंगे 1000 के नोट

आरबीआई ने नोटबंदी के समय मौजूदा 500 और 1000 रुपये के नोटों को लीगल टेंडर से बाहर कर दिया था। इसके बाद उसने 500 के नए नोट जारी किए थे। लेकिन उसने 1000 रुपये के नोट नहीं जारी किए। अब जब 2000 के नोटों को भी धीरे-धीरे प्रचलन से बाहर किया जा रहा है। ऐसे में इस बात के कयास है कि 1000 के नोट की फिर से वापसी होगी। हालांकि अभी तक इसकी संभावना नहीं दिख रही है। और अगर आरबीआई बढ़ते डिजिटल ट्रांजैक्शन को देखते हुए इसे वापस नहीं लाता है, तो फिर 500 रुपया देश की सबसे बड़ी करंसी हो जाएगी।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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