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Gautam Adani ने Indian Banks से कितना लिया कर्ज? इधर RBI ने मांगे डिटेल्स; उधर विपक्ष बोला- बने JCP

  • Produced by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Feb 2, 2023, 01:09 PM IST

दरअसल, अडानी एंटरप्राइजेज ने बुधवार (दो फरवरी, 2023) को अपने 20 हजार करोड़ रुपए के अनुवर्ती सार्वजनिक निर्गम (FPO) को वापस लेने और निवेशकों का पैसा लौटाने की घोषणा की थी। हालांकि, कंपनी के एफपीओ को मंगलवार को पूर्ण अभिदान मिल गया था। समझा जाता है कि कंपनी ने यह कदम अमेरिका की शॉर्टसेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद उठाया है। इस कारोबारी समूह ने रिपोर्ट को निराधार बताया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने देश के सभी बैकों से इस बात के डिटेल मांगे हैं कि गौतम अडानी के अडानी समूह की कंपनियों को उन्होंने कितना कर्ज बांटा है। यह बात गुरुवार (दो फरवरी, 2023) को समाचार एजेंसी रॉयर्ट्स को सरकारी और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों की ओर से दी गई। हालांकि, इस बारे में जब एजेंसी की ओर से आरबीआई से प्रतिक्रिया मांगी गई, तब उस पर त्वरित जवाब नहीं आया।

चूंकि, सूत्रों को इस मामले में मीडिया से कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है, लिहाजा उन्होंने अपनी पहचान उजागर न करने के लिए कहा। एजेंसी को एक सूत्र की ओर से बताया गया कि आरबीआई ने जो जानकारियां मांगी हैं, उनमें लोन वापस करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे संपार्श्विक (को-लेट्रल) के ब्यौरे और किसी भी अप्रत्यक्ष जोखिम वाले बैंक हो सकते हैं। बुधवार को इससे पहले Societe Generale की ओर से एक रिपोर्ट में बताया गया कि अडानी ग्रुप के लिए भारतीय बैंकिंग सेक्टर का सीधा संपर्क केवल 0.6% था।

'JCP बने या SC की निगरानी में हो जांच'

इस बीच, कांग्रेस और कई अन्य विपक्षी दलों ने गुरुवार को अडानी एंटरप्राइजेज केस पर संसद के दोनों सदनों में चर्चा की मांग की। साथ ही यह आग्रह किया कि इस प्रकरण की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित की जाए या फिर उच्चतम न्यायालय की निगरानी में इसकी जांच हो। अडानी सहित विभिन्न मुद्दों पर हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की बैठक दोपहर दो बजे तक स्थगित होने के बाद राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम यह कहना चाहते हैं कि सरकार क्यों दबाव बनाकर ऐसी कंपनियों को कर्ज दिलवा रही है?’’

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों के हितों और एलआईसी, एसबीआई के निवेश को ध्यान में रखते हुए, हम चर्चा की मांग कर रहे हैं। हमारी मांग है कि जेपीसी गठित करके इसकी जांच हो या उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के नेतृत्व में इसकी जांच हो।’’ कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी में खरगे ने कहा, ‘‘जांच होने पर प्रतिदिन रिपोर्ट जनता के समक्ष रखी जाए ताकि पारदर्शिता रहे और लोगों को विश्वास रहे कि उनका पैसा बचा है।’’ इससे पहले, इस विषय पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण संसद के दोनों की कार्यवाही बाधित हुई। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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