NSE Index : शेयर बाजार में निवेश आमतौर पर मुनाफे, जोखिम और रिटर्न के आधार पर किया जाता है। लेकिन, क्या निवेश धर्म और नैतिक मूल्यों के आधार पर भी हो सकता है? भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार NSE मानें, तो जवाब हां है। यही वजह है कि NSE के पास शरिया इंडेक्स और अब नया अहिंसा इंडेक्स भी है। इन दोनों इंडेक्स में सिर्फ उन कंपनियों को शामिल किया जाता है, तो धार्मिक या नैतिक मानदंडों पर खरी उतरती हैं। हाल ही में लॉन्च हुआ निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स ने धंधे में धर्म को फिर से चर्चा में ला दिया है। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर इन इंडेक्स में किन कंपनियों को शामिल किया जाता है और किन्हें बाहर रखा जाता है।
पहले समझें क्या होता है इंडेक्स?
इंडेक्स शेयर बाजार का एक बेंचमार्क होता है। जैसे निफ्टी 50 देश की 50 बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन को दिखाता है। इसी तरह थीमैटिक इंडेक्स किसी खास विचार, सेक्टर या निवेश दर्शन पर आधारित होते हैं। शरिया और अहिंसा इंडेक्स भी ऐसे ही विशेष थीम वाले इंडेक्स हैं।
क्या है नया अहिंसा इंडेक्स?
NSE ने जुलाई 2026 में निफ्टी 500 अहिंसा इंडेक्स लॉन्च किया है। इसका मकसद ऐसे निवेशकों को विकल्प देना है, जो चाहते हैं कि उनका पैसा उन कंपनियों में लगे जो जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंचाने वाले कारोबार से दूर हों और नैतिक कारोबारी सिद्धांतों का पालन करती हों। यह इंडेक्स निफ्टी 500 की कंपनियों में से चयन करता है।
कैसे चुनी जाती हैं कंपनियां?
अहिंसा निवेश ढांचे के तहत कंपनियों को तीन श्रेणियों में बांटा जाता है। ग्रीन, ऑरेंज और रेड। सिर्फ ग्रीन श्रेणी की कंपनियों को इंडेक्स में जगह मिलती है। यह वर्गीकरण इस आधार पर होता है कि कंपनी की गतिविधियों से जानवरों या जीवों को कितना नुकसान पहुंचता है।
किन कंपनियों को बाहर रखा जाता है?
अहिंसा इंडेक्स में उन कंपनियों को शामिल नहीं किया जाता, जिनका कारोबार मुख्य रूप शराब, तंबाकू, हथियार, जुआ, पशु क्रूरता या जानवरों को नुकसान पहुंचाने वाले व्यवसायों से जुड़ा होता है। यानी केवल वित्तीय प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि कारोबारी गतिविधियों की नैतिकता भी अहम होती है। लॉन्च के समय इस इंडेक्स में 326 कंपनियां शामिल की गई थीं। यह संख्या समय-समय पर समीक्षा के बाद बदल सकती है।
शरिया इंडेक्स क्या है?
शरिया इंडेक्स नया नहीं है। NSE कई वर्षों से निफ्टी 50 शरिया, निफ्टी 500 शरिया और निफ्टी शरिया 25 जैसे इंडेक्स संचालित कर रहा है। इनका मकसद इस्लामिक वित्तीय सिद्धांतों के अनुरूप निवेश का विकल्प देना है। शरिया इंडेक्स में केवल वे कंपनियां चुनी जाती हैं जो शरिया मानकों पर खरी उतरती हैं। शरिया स्क्रीनिंग के तहत आमतौर पर पारंपरिक बैंकिंग, बीमा, शराब, तंबाकू, जुआ, मनोरंजन के कुछ विशेष कारोबार और हथियार बनाने वाली कंपनियों को बाहर रखा जाता है।
क्या इन इंडेक्स में ट्रेडिंग होती है?
सीधे इंडेक्स की खरीद-बिक्री नहीं होती। निवेशक इन इंडेक्स को ट्रैक करने वाले इंडेक्स फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में निवेश कर सकते हैं। शरिया इंडेक्स पर पहले से ETF उपलब्ध हैं। NSE का कहना है कि अहिंसा इंडेक्स पर भी जल्छ ही इंडेक्स फंड या ईटीएफ जैसे निवेश उत्पाद विकसित किए जा सकते हैं।
क्या धर्म आधारित निवेश सिर्फ भारत में है?
दुनिया के कई देशों में इस्लामिक, ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और सुशासन) और फेथ-बेस्ड निवेश काफी लोकप्रिय हैं। अमेरिका और यूरोप में भी धार्मिक या नैतिक मानदंडों वाले निवेश उत्पाद मौजूद हैं। भारत में शरिया इंडेक्स पहले से था और अब अहिंसा इंडेक्स ने नैतिक निवेश की एक नई श्रेणी जोड़ दी है।
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