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Durga Co-op Urban Bank: RBI ने रद्द कर दिया इस बैंक का लाइसेंस, कहीं आपका अकाउंट तो इसमें नहीं

Durga Co-op Urban Bank: परिसमापन पर हर जमाकर्ता को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से 5 लाख रुपये तक मिलेंगे। ये राशि उन्हें अपनी जमा राशि पर डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट के तहत मिलेगी। आरबीआई ने कहा है कि बैंक की तरफ से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 95.8 प्रतिशत जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी पूरी जमा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे।

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दुर्गा को-ऑप अर्बन बैंक का लाइसेंस रद्द

KEY HIGHLIGHTS
  • दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का लाइसेंस रद्द
  • आरबीआई ने कर दिया कैंसल
  • 95 साल पुराना है बैंक

Durga Co-op Urban Bank: RBI ने एक और बैंक का लाइसेंस कैंसल कर दिया है। ये भी एक को-ऑपरेटिव बैंक है। आरबीआई ने इस बार विजयवाड़ा के 95 साल पुराने दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का लाइसेंस रद्द किया है। इसकी वजह बैंक के पास पर्याप्त पूंजी की कमी और कमाई की संभावनाएं न होना बताया गया है। आरबीआई के अनुसार बैंक ने 12 नवंबर, 2024 को कारोबार बंद होने से बैंकिंग कारोबार बंद कर दी हैं। वहीं आंध्र प्रदेश के सहकारी आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार से बैंक को बंद करने और एक परिसमापक नियुक्त (Liquidator) करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।

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जमाकर्ताओं को अधिकतम 5 लाख रु तक मिलेंगे

परिसमापन पर हर जमाकर्ता को जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से 5 लाख रुपये तक मिलेंगे। ये राशि उन्हें अपनी जमा राशि पर डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट के तहत मिलेगी। आरबीआई ने कहा है कि बैंक की तरफ से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 95.8 प्रतिशत जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी पूरी जमा राशि प्राप्त करने के हकदार होंगे।

31 अगस्त, 2024 तक, DICGC ने कुल बीमित जमाराशियों में से 9.84 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।

नियमों का पालन करने में रहा विफल

दुर्गा को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक का लाइसेंस रद्द करने के पीछे की जानकारी देते हुए आरबीआई ने कहा कि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 की आवश्यकताओं का पालन करने में भी विफल रहा है।

आरबीआई ने कहा है कि बैंक का चालू रहना इसके जमाकर्ताओं के हितों के लिए हानिकारक है। अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति के कारण बैंक अपने मौजूदा जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा।"

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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