Sovereign Gold Bond: 2017-18 की सीरीज VII और 2018-19 की सीरीज III से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजनाओं से निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला है। दरअसल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने समय से पहले रिडम्पशन प्राइस (Premature Redemption Price) 7,637 रु प्रति यूनिट तय किया है। यह रिडम्पशन ऑप्शन 13 नवंबर, 2024 से उपलब्ध हो गया है। जिन लोगों ने 2017-18 सीरीज VII में 2,934 रु प्रति ग्राम के इश्यू प्राइस पर निवेश किया था, उनके लिए 7,637 रु प्रति यूनिट का रिडम्पशन प्राइस लगभग 160% का रिटर्न दर्शाता है। यानी पैसा ढाई गुना से भी अधिक। इसी तरह, 2018-19 सीरीज III की कीमत 3,183 रु प्रति ग्राम थी। उसमें निवेश करने वालों को लगभग 140% का लाभ हुआ।
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साल में मिलता है दो बार 2.50% ब्याज
इस रिटर्न की कैलकुलेशन 2.50% के सालाना ब्याज को शामिल किए बिना की गई है, जो बॉन्ड की पूरी अवधि के दौरान हर साल दो बार दिया जाता है। यानी इसे जोड़ लें तो रिटर्न और भी ज्यादा हो जाएगा।
रिटर्न की कैलकुलेशन कैसे हुई
एसजीबी के लिए रिडम्पशन प्राइस रिडम्पशन डेट से पहले के तीन कारोबारी दिनों में 999 प्योरिटी वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के साधारण औसत पर आधारित होता है। इन फेज के लिए, प्राइस का औसत 8 नवंबर, 11 नवंबर और 12 नवंबर, 2024 को इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (आईबीजेए) पर सोने के क्लोजिंग रेट से लिया गया है।
यह तरीका सुनिश्चित करता है कि रिडम्पशन प्राइस हाल की बाजार स्थितियों को सटीक रूप से शामिल करे।
कब मिलती है प्रीमैच्योर रिडम्पशन की मंजूरी
एसजीबी योजना में समय से पहले रिडम्पशन की अनुमति निवेश के पांचवें वर्ष के बाद ही दी जाती है। जो लोग प्रीमैच्योर रिडम्पशन अवधि के बाद भी एसजीबी होल्ड करते हैं, उन्हें बॉन्ड में कैपिटल गेन्स मिलता है, जो मैच्योरिटी पर टैक्स फ्री होता है। साथ ही वार्षिक ब्याज भुगतान भी मिलता है।
