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E-Rupee: RBI को मिल गया क्रिप्टोकरेंसी का तोड़ ! शुरू किया E-रुपया, इन लोगों को की पेमेंट

E-Rupee: परंपरागत डिपॉजिट के उलट CBDC केंद्रीय बैंक की लायबिलिटी है। जब कोई खाताधारक बचत खाते में कुछ पैसे CBDC में बदलता है, तो बैंक की जमा राशि उस राशि से कम हो जाती है।

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RBI ने शुरू किया ई-रुपया

KEY HIGHLIGHTS
  • RBI ने शुरू किया ई-रुपया
  • अधिकारियों को की पेमेंट
  • ट्रायल किया गया शुरू

E-Rupee: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अपने अधिकारियों के साथ ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) का ट्रायल करेगा। केंद्रीय बैंक ने हाल ही में RBI अधिकारियों के CBDC वॉलेट में अलाउंस का कुछ हिस्सा जमा कराया। इसे केंद्रीय बैंकों द्वारा सुरक्षित और स्मार्ट पेमेंट ऑप्शन के साथ-साथ क्रिप्टोकरेंसी का मुकाबला करने के लिए एक कदम भी माना जा रहा है। CBDC फिएट करेंसी का डिजिटल रूप है। ये एक सॉवरेन पेपर करेंसी होती है, जिसे देश की मोनेटरी अथॉरिटी द्वारा डिजिटली जारी किया जाता है।

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कब जमा कराया गया पैसा

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार 27 दिसंबर को सीनियर अधिकारियों को भेजे गए एक आंतरिक निर्देश के अनुसार, "सीबीडीसी रिटेल पायलट को बढ़ाने और बैंक (आरबीआई) के अधिकारियों द्वारा सीबीडीसी वॉलेट के उपयोग को प्रोत्साहित करने के तहत अधिकारियों के सीबीडीसी वॉलेट में इंटरनेट/डेटा शुल्क के लिए रीइंबर्समेंट अमाउंट जमा करने का निर्णय लिया गया है''।

सीबीडीसी वॉलेट को अपडेट करने के लिए यूजर मैनुअल जारी किया गया है। आरबीआई ने दिसंबर 2022 में रिटेल डिजिटल या ई-रुपये के लिए पायलट लॉन्च किया था।

नहीं मिलता कोई ब्याज

परंपरागत डिपॉजिट के उलट CBDC केंद्रीय बैंक की लायबिलिटी है। जब कोई खाताधारक बचत खाते में कुछ पैसे CBDC में बदलता है, तो बैंक की जमा राशि उस राशि से कम हो जाती है।

इसके अलावा CBDC डिजिटल वॉलेट के मालिक को कोई ब्याज रिटर्न (सामान्य बैंक जमाओं की तरह) नहीं देता है। नतीजे में न तो बैंक और न ही ग्राहक अब तक CBDC में विशेष रूप से रुचि रखते हैं।

नहीं मिली बड़ी सफलता

कुछ बैंकों ने RBI की योजना के जैसे ही कदम उठाए हैं, मगर पेमेंट के लिए करेंसी के रूप में CBDC ने कोई खास सफलता नहीं पाई है। इसके अलावा, UPI के अधिक उपयोग और खरीदारी और फंड ट्रांसफर के लिए मोबाइल फोन के उपयोग के चलते, CBDC से रिटेल यूजर्स नहीं जुड़े।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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