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RBI ने बैंकों को दिया 300 करोड़ का झटका! SMS अलर्ट के नाम पर नहीं कर पाएंगे कमाई

रिजर्व बैंक ने कमर्शियल बैंकों को बड़ा झटका दिया है। असल में RBI ने ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखकर SMS अलर्ट के नाम पर बैंकों की तरफ से की जाने वाली वसूली पर लगाम लगाई है।

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रिजर्व बैंक ने किया बड़ा बदलाव

RBI Direction on SMS Alert : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने देश के करोड़ों बैंक खाताधारकों को एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है, जिसने बड़े-बड़े बैंकों के होश उड़ा दिए हैं। ET की रिपोर्ट के मुताबिक RBI ने एक नया आदेश जारी करते हुए बैंकों की तरफ से SMS अलर्ट के नाम पर वसूली जाने वाली फीस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है, जिससे बैंकों को करीब 300 करोड़ रुपये की चपत लग सकती है।

मुफ्त SMS के चक्कर में डूबेगी बैंकों की मोटी कमाई

रिजर्व बैंक के नए निर्देश के मुताबिक, अब बैंक कंप्लायंस, जरूरी जागरूकता या किसी भी प्रमोशनल मैसेज के लिए ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। अभी तक लगभग सभी बैंक इस तरह के SMS भेजने के बदले ग्राहकों के खाते से हर तीन महीने में 15 से 18 रुपये काट लेते थे। इस रोक के बाद एक-एक बड़े बैंक को सालाना करीब 360 करोड़ रुपये तक का नुकसान झेलना पड़ सकता है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि बैंक इस नुकसान की भरपाई करने के लिए चोरी-छिपे अकाउंट मेंटेनेंस चार्ज या मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाली पेनल्टी को बढ़ा सकते हैं।

500 रुपये से छोटे ट्रांजैक्शन पर नियमों में बड़ा बदलाव

RBI ने बैंकों को थोड़ी राहत देते हुए 500 रुपये या उससे कम के छोटे लेन-देन (Micro-transactions) पर SMS भेजना अब वैकल्पिक यानी ऑप्शनल कर दिया है। इसका मतलब है कि छोटे ट्रांजैक्शन पर मैसेज भेजना अब जरूरी नहीं होगा। इसके बावजूद एचडीएफसी (HDFC) और आईसीआईसीआई (ICICI) जैसे बड़े प्राइवेट बैंक इन मैसेजेस को बंद नहीं करेंगे, क्योंकि उनके ग्राहकों को तुरंत अलर्ट मिलने की आदत है और बैंकिंग फ्रॉड से बचने के लिए आज भी SMS को सबसे सुरक्षित माध्यम माना जाता है।

टेलीकॉम कंपनियों पर गिरेगी गाज, अब व्हाट्सऐप का खुलेगा रास्ता

इस फैसले का सबसे बड़ा झटका टेलीकॉम कंपनियों को लगने वाला है, क्योंकि भारत में होने वाले कुल रीटेल ट्रांजैक्शन में से 60 से 70 फीसदी लेन-देन 500 रुपये से कम के ही होते हैं। इस नियम से टेलीकॉम कंपनियों का लगभग 20% कमर्शियल SMS ट्रैफिक कम हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ, बैंक अब SMS के महंगे खर्च से बचने के लिए व्हाट्सऐप (WhatsApp), गूगल RCS और मोबाइल ऐप के पुश नोटिफिकेशन जैसे सस्ते और स्मार्ट डिजिटल विकल्पों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाएंगे, जिससे ग्राहकों का अनुभव भी बेहतर होगा और बैंकों का खर्च भी बचेगा।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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