Railway Enquiry: गाजियाबाद की रहने वाली प्रिया के लिए शुक्रवार (11) नवंबर के 4 घंटे कभी न भूलने वाले बन गए। बात ही कुछ ऐसी थी। असल में उनके पिता जी गोरखपुर से ट्रेन से गाजियाबाद की यात्रा कर रहे थे। लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालात यह थे कि न तो फोन कनेक्ट हो रहा था, और ना ही पापा का फोन आ रहा था। पूरा घर परेशान, समझ नहीं आ रहा था कि 75 साल के उनके पिता से कैसे संपर्क किया जाय। लेकिन भारतीय रेलवे ने उस वक्त उनके लिए जो किया, वह उन्हें जीवन भर याद रहेगा।
रेलवे हेल्प लाइन नंबर बना मददगार
जब किसी भी तरह प्रिया का अपने पापा से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने फिर रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने का फैसला किया। और उन्होंने 139 नंबर डायल किया। और वहां पर मौजूद इमरजेंसी या सिक्योरिटी सेवाओं से कनेक्ट किया। जिसके बाद कॉल सेंटर पर मौजूद कर्मचारी ने पीएनआर नंबर के जरिए उनके पापा की ट्रेन डिटेल, कोच और सीट डिटेल हासिल कर ली। और ट्रेन की रनिंग स्टेटस को चेक कर, लखनऊ आरपीएफ को सारी डिटेल दी। इसके पहले कॉल सेंटर ने प्रिया की शिकायत भी दर्ज कर दी।
10 मिनट में हो गई बात
आरपीएफ टीम ने शिकायत दर्ज होने के 2 मिनट के अंदर फिर प्रिया द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर सें संपर्क किया। और बताया कि आरपीएफ ने ट्रेन में चल रहे टीम को सूचना दे दी है, और बताया कि आपको 10 मिनट के अंदर फोन आ जाएगा। और आपके पिता से संपर्क करा दिया जाएगा। और वास्तव में ऐसा हुआ, ट्रेन में चल रही टीम ने प्रिया के पापा से बात करा दी। और तब जाकर प्रिया को राहत मिली।
ऐसे में अगर किसी भी व्यक्ति को अपने किसी करीबी से ट्रेन में यात्रा के दौरान बात नहीं हो पाए, तो वह इस तरह की सुविधा ले सकता है। इसके लिए रेलवे के 139 नंबर पर संपर्क कर, इमरजेंसी या सिक्योरिटी सेवाओं से कनेक्ट कर, यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है।
