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पापा से नहीं हो पा रही थी बात,फिर रेलवे ने 10 मिनट में कर दिया ऐसा, जानकर रह जाएंगे हैरान

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 15, 2022, 07:37 PM IST

Railway Emergency Service: अगर किसी व्यक्ति का कोई करीबी ट्रेन में यात्रा कर रहा है, और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो रेलवे की 139 नंबर सर्विस बेहद कारगर साबित हो सकती है। इसके जरिए चलती ट्रेन में भी व्यक्ति से रेलवे के लिए संपर्क हो सकता है।

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रेलवे की इस इमरजेंसी सर्विस का उठाएं फायदा

Photo : Twitter

Railway Enquiry: गाजियाबाद की रहने वाली प्रिया के लिए शुक्रवार (11) नवंबर के 4 घंटे कभी न भूलने वाले बन गए। बात ही कुछ ऐसी थी। असल में उनके पिता जी गोरखपुर से ट्रेन से गाजियाबाद की यात्रा कर रहे थे। लेकिन ट्रेन में बैठने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। हालात यह थे कि न तो फोन कनेक्ट हो रहा था, और ना ही पापा का फोन आ रहा था। पूरा घर परेशान, समझ नहीं आ रहा था कि 75 साल के उनके पिता से कैसे संपर्क किया जाय। लेकिन भारतीय रेलवे ने उस वक्त उनके लिए जो किया, वह उन्हें जीवन भर याद रहेगा।

रेलवे हेल्प लाइन नंबर बना मददगार

जब किसी भी तरह प्रिया का अपने पापा से संपर्क नहीं हो पाया, तो उन्होंने फिर रेलवे के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने का फैसला किया। और उन्होंने 139 नंबर डायल किया। और वहां पर मौजूद इमरजेंसी या सिक्योरिटी सेवाओं से कनेक्ट किया। जिसके बाद कॉल सेंटर पर मौजूद कर्मचारी ने पीएनआर नंबर के जरिए उनके पापा की ट्रेन डिटेल, कोच और सीट डिटेल हासिल कर ली। और ट्रेन की रनिंग स्टेटस को चेक कर, लखनऊ आरपीएफ को सारी डिटेल दी। इसके पहले कॉल सेंटर ने प्रिया की शिकायत भी दर्ज कर दी।

10 मिनट में हो गई बात

आरपीएफ टीम ने शिकायत दर्ज होने के 2 मिनट के अंदर फिर प्रिया द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर सें संपर्क किया। और बताया कि आरपीएफ ने ट्रेन में चल रहे टीम को सूचना दे दी है, और बताया कि आपको 10 मिनट के अंदर फोन आ जाएगा। और आपके पिता से संपर्क करा दिया जाएगा। और वास्तव में ऐसा हुआ, ट्रेन में चल रही टीम ने प्रिया के पापा से बात करा दी। और तब जाकर प्रिया को राहत मिली।

ऐसे में अगर किसी भी व्यक्ति को अपने किसी करीबी से ट्रेन में यात्रा के दौरान बात नहीं हो पाए, तो वह इस तरह की सुविधा ले सकता है। इसके लिए रेलवे के 139 नंबर पर संपर्क कर, इमरजेंसी या सिक्योरिटी सेवाओं से कनेक्ट कर, यह सुविधा प्राप्त की जा सकती है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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