Petrol-Diseal & LPG Price: ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी व्यापारिक जहाजों के खोलने के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरवाट आई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्धविराम की बाकी अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) व्यापारिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला रहेगा। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आई है। ब्रेंट क्रूड के एक बैरल की कीमत गिरकर 88 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि शुक्रवार को इससे पहले यह 98 डॉलर से ऊपर थी। वहीं, ईरान युद्ध के दौरान यह 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। वहीं, कई जानकार कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर से लेकर 200 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगा रहे थे। कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट राहत की खबर है।
क्यों नहीं बढ़ेंगे ईंधन के दाम?
एनर्जी एक्सपर्ट का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत में गिरावट से ऑयल कंपनियों का घाटा तेजी से कम होगा। अभी ऑयल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 18 रुपये और डीजल पर करीब 35 रुपये का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान कच्चे तेल की कीमत में उछाल से आया है। ईरान युद्ध शुरू होने से पहले भारतीय बॉस्केट में कच्चे तेल की कीमत 65 से 70 डॉलर थी। हालांकि, युद्ध के बीच में यह 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। इससे तेल कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था। आशंका जताई जा रही थी कि राज्यों के चुनाव के बाद ईंधन के दाम में बढ़ोतरी होगी। हालांकि, जिस तेजी से कच्चे तेल की कीमत गिर रही है, उससे उम्मीद जगी है कि अब ईंधन के दाम बढ़ाने की जरूरत नहीं होगी। ईंधन के दाम बढ़ाने से महंगाई बढ़ती है तो अर्थव्यवस्था के लिए सही नहीं होता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी कर चुके हैं दावा
हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान युद्ध खत्म होते ही कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आएगी। फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि युद्ध खत्म होने के बाद कीमतें बहुत ज्यादा गिरेंगी। वह अब दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमत में एक दिन में 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है।
होर्मुज के बंद होने से उछला था कच्चा तेल
फरवरी के आखिर में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले शुरू किए जाने के बाद से, होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान ने बंदबंद कर दिया था। इससे इस जलमार्ग से टैंकरों की आवाजाही बहुत धीमी हो गई थी, जिससे वैश्विक बाजारों में उपलब्ध तेल और गैस की मात्रा में भारी कमी आई थी और कीमतें तेजी से बढ़ी थी। बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के दक्षिण में पानी की एक संकरी पट्टी है, जिससे आमतौर पर दुनिया का 5वां हिस्सा तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) ट्रांसपोर्ट किया जाता है। इसके बंद होने से तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आई थी।
