अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी महायुद्ध के बीच आज पहली बार PM मोदी ने संसद में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। संसद में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि युद्ध के इस दौर में भारत के सामने आर्थिक और मानवीय चुनौतियां जरूर आई हैं, लेकिन सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सक्षम है। पीएम ने भरोसा दिलाया कि चाहे खाड़ी देशों में फंसे भारतीय हों या देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security), सरकार की पैनी नजर हर मोर्चे पर बनी हुई है और सरकार हर संभव कदम उठा रही है। किसी को भी इस समय घबराने की जरुरत नहीं है मेरी सभी से अपील है कि इस संकट की घड़ी में सभी साथ मिलकर मुकाबला करें।
पीएम मोदी ने संसद में बताया कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हर भारतीय तक मदद पहुंचाई जा रही है। सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता भारतीयों की जान बचाना है। युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक करीब 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। पीएम ने कहा कि उन्होंने खुद पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों से दो दौर की बातचीत की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। इसके अलावा, युद्ध क्षेत्र में फंसे लोगों की मदद के लिए 24x7 कंट्रोल रूम और इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
PM मोदी की 10 बड़ी बातें
- भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि: युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे हर भारतीय को हर संभव मदद दी जा रही है और उनकी सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
- 3.75 लाख की घर वापसी: युद्ध शुरू होने से लेकर अब तक 3 लाख 75 हजार से ज्यादा भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है।
- हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम: भारत और प्रभावित देशों में 24x7 कंट्रोल रूम और इमरजेंसी हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं ताकि पीड़ितों को तुरंत जानकारी मिल सके।
- विदेशी नेताओं से सीधी बात: पीएम मोदी ने खुद पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों से दो दौर की बातचीत की है, जिन्होंने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है।
- हॉर्मुज मार्ग की चुनौती: हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कार्गो मूवमेंट चुनौतीपूर्ण हुआ है, फिर भी सरकार तेल और गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने में जुटी है।
- LPG सप्लाई पर फोकस: भारत अपनी जरूरत का 60% एलपीजी आयात करता है; अनिश्चितता के बावजूद घरेलू सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है और देश में उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।
- विशाल तेल भंडार (Strategic Reserves): भारत के पास 5.3 मिलियन मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व मौजूद है, और 6.5 मिलियन मीट्रिक टन अतिरिक्त क्षमता पर काम चल रहा है।
- रिफाइनिंग क्षमता में वृद्धि: पिछले 11 वर्षों में भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता में काफी बढ़ोतरी हुई है, जो संकट के समय ढाल का काम कर रही है।
- किसानों का संरक्षण: उर्वरकों और कच्चे तेल की किल्लत के बावजूद भारतीय किसानों के हितों की रक्षा की जाएगी और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।
- एकजुट आवाज की अपील: पीएम ने कहा कि इस वैश्विक संकट पर भारत की संसद से एक सुर में और एकजुट होकर पूरी दुनिया तक संदेश पहुंचना जरूरी है।
