Petrol Diesel Prices Hike Impact : देश में खाने-पीने और बाहर भोजन करने की लागत जल्द ही बढ़ सकती है। हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि अगले सप्ताह से खाने-पीने की चीजें 5 से 10 प्रतिशत तक महंगी (Food Inflation) हो सकती हैं। इसका असर रेस्टोरेंट में बैठकर खाने और ऑनलाइन फूड ऑर्डर दोनों पर पड़ेगा।
ईंधन की कीमत बढ़ने का असर
तेल कंपनियों द्वारा ईंधन के दाम बढ़ाए जाने के बाद ट्रांसपोर्टेशन, पैकेजिंग और कच्चे माल की लागत में तेजी आई है। रेस्टोरेंट इंडस्ट्री का कहना है कि पहले से ही एलपीजी गैस की कमी और उसकी कीमतों में करीब 60% तक की बढ़ोतरी का दबाव था। अब नए ईंधन दामों ने स्थिति और मुश्किल बना दी है। इससे रोजमर्रा के ऑपरेशन की लागत बढ़ रही है और इसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ सकता है।
रेस्टोरेट इंडस्ट्री की प्रतिक्रिया
ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक रेस्टोरेंट उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अब कीमतें बढ़ाना मजबूरी बन गया है। National Restaurants Association of India (NRAI) के अनुसार कई रेस्टोरेंट पहले से ही मुश्किल में हैं और उन्हें जुलाई से कीमतें बढ़ानी पड़ सकती हैं। Cafe Delhi Heights के संस्थापक का कहना है कि फ्यूल और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना जरूरी हो गया है। इसी तरह इकॉनोमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक Wow! Momo के सह-संस्थापक और NRAI अध्यक्ष ने बताया कि इस साल लागत बढ़ने के कारण जुलाई से कीमतें बढ़ाना करीब तय है। कई रेस्टोरेंट अब मेन्यू में बदलाव, कम आइटम और छोटे ऑपरेशन टाइम जैसे उपाय अपना रहे हैं ताकि खर्च को नियंत्रित किया जा सके।
इकॉनोमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक Kylin जैसे रेस्टोरेंट चेन के मैनेजमेंट का कहना है कि कच्चे माल और सप्लाई की लागत बढ़ने से ग्राहकों तक इसका असर पहुंचना तय है। वहीं कुछ बड़े ब्रांड्स जैसे Massive Restaurants (जो Farzi Cafe और Masala Library जैसे ब्रांड चलाते हैं) का मानना है कि वे फिलहाल लागत का कुछ हिस्सा खुद वहन करने की कोशिश करेंगे ताकि ग्राहकों पर अचानक बोझ न पड़े।
डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर असर
ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी इसका असर दिखेगा। Zomato और Swiggy जैसी कंपनियों द्वारा डिलीवरी चार्ज बढ़ाने, न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू बदलने और डिस्काउंट कम करने की संभावना जताई जा रही है। इससे घर पर खाना मंगाना भी महंगा हो सकता है।
उपभोक्ताओं पर प्रभाव
महंगाई का सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा। पहले से ही खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ रही हैं और अब ईंधन की बढ़ोतरी से सब्जियां, फल और रोजमर्रा के सामान भी महंगे हो सकते हैं। इससे बाहर खाने की आदत पर भी असर पड़ सकता है, खासकर ऑफिस लंच और वीकेंड आउटिंग पर। डेयरी सेक्टर में भी कीमतें बढ़ी हैं। हाल ही में Amul और Mother Dairy ने दूध की कीमतों में प्रति लीटर करीब 2 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिससे घरेलू बजट पर और दबाव बढ़ गया है।
आगे क्या उम्मीद
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ईंधन और कच्चे माल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजें और महंगी हो सकती हैं। हालांकि कुछ रेस्टोरेंट लागत कम करने और बेहतर मैनेजमेंट के जरिए कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर स्थिति उपभोक्ताओं और व्यवसाय दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
