Fuel price hike: पिछले 10 दिनों में Petrol और Diesel के दाम में तीन बार बढ़ोतरी हो चुकी है। CNG के भी दाम बढ़े हैं। ईंधन महंगा होने से उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ा है। हालांकि, इस तीन बढ़ोतरी के बाद भी राहत नहीं मिलने जा रही है। आने वाले दिनों में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के HR डायरेक्टर राज कुमार दुबे ने न्यूज एजेंसी ANI से बातकरते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक ऊर्जा संकट जारी रहता है, तो रिटेल फ्यूल की कीमतों में और बढ़ोतरी से बचना मुश्किल हो सकता है। ईरान युद्ध के कारण एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को हुए नुकसान की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए अगर ये हालात ऐसे ही बने रहते हैं तो मुझे लगता है कि कीमतों में एक और बढ़ोतरी होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि बढ़ोतरी कितनी होगी, लेकिन उन्होंने कहा, "अगर यह लंबे समय तक जारी रहता है, तो कीमतों में बढ़ोतरी तय है।"
भारत ने इस एनर्जी क्राइसिस में बेहतर काम किया
दुबे ने भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद भारत को झटकों से बचाने का श्रेय कूटनीतिक प्रयासों और सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाने को दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य पर 20 लाख बैरल से ज्यादा तेल की सप्लाई रुक जाने के कारण, उन्होंने कहा कि इस कमी को पूरा करना "केवल सप्लाई के स्रोतों में विविधता लाकर ही संभव है। चाहे वह रूसी तेल हो, या अफ्रीका से आया हो, या फिर किसी और जगह से।"
BPCL और भारत की दूसरी एनर्जी कंपनियों ने सप्लाई के स्रोतों का काफी विस्तार किया है। दुबे ने कहा कि पहले हमारे पास सप्लाई के सिर्फ 20 पॉइंट थे। अब हम 20 से बढ़कर 40 सप्लाई पॉइंट तक पहुंच गए हैं, जिसमें रूस भी शामिल है। सप्लाई की इन विविध लाइनों से हमें काफी सुरक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि युद्ध के बाद भारत में ईंधन की खपत असल में बढ़ गई है, और फिर भी, हम बिना किसी कमी के इसे मैनेज कर पा रहे हैं।
ग्रीन एनर्जी पर बढ़ेगा जोर
उन्होंने कहा कि इस संकट से भारत का ग्रीन एनर्जी की ओर बदलाव भी तेज होने की उम्मीद है। 200 GW से ज्यादा सोलर पावर इंस्टॉल होने के साथ अब इस गति में और तेजी आएगी, क्योंकि एनर्जी इंपोर्ट बिल से जिस तरह की विदेशी मुद्रा संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं। मुझे लगता है कि इससे निश्चित रूप से ग्रीन एनर्जी के विकल्पों की ओर बढ़ने की गति तेज होगी। दुबे ने प्रधानमंत्री के उस लक्ष्य पर ज़ोर दिया, जिसके तहत एनर्जी मिक्स में नेचुरल गैस की हिस्सेदारी को मौजूदा 7-8% से बढ़ाकर 15% तक ले जाना है, साथ ही "CBG को भी जबरदस्त बढ़ावा देना है।" उन्होंने 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग की पहल को "एक बहुत ही सक्रिय कदम" बताया, और कहा कि इसके बिना, "पेट्रोल की कमी 20% और बढ़ सकती थी, जिसका असर विदेशी मुद्रा पर भी पड़ता।" उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी, सोलर और हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों में विविधता लाना अब भी सबसे जरूरी है। उन्होंने आगे कहा, "ईंधन के तौर पर हाइड्रोजन की दिशा में अपने प्रयासों को तेज करना जो भविष्य के लिए एक बहुत ही टिकाऊ ईंधन है, ये कुछ ऐसे काम हैं जो हमें करने होंगे।"
