देश में पारा चढ़ने के साथ बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड 265.44 गीगावाट तक पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार को बिजली की अधिकतम मांग 257.37 गीगावाट जबकि मंगलवार को यह 260.45 गीगावाट के उच्चस्तर पर रही थी। मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा दोपहर 3.45 बजे तक 265.44 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) की अधिकतम बिजली मांग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। यह अबतक की अधिकतम मांग है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि यह लगातार तीसरा दिन है जब बिजली की अधिकतम मांग ने रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले सोमवार को दोपहर 3:42 बजे बिजली की अधिकतम मांग 257.37 गीगावाट के रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। सोमवार की अधिकतम मांग ने 25 अप्रैल को दोपहर 3.38 बजे दर्ज किए गए पिछले अबतक के उच्चतम स्तर 256.11 गीगावाट को पीछे छोड़ दिया।
मंगलवार को दोपहर 3.40 बजे बिजली की अधिकतम मांग 260.45 गीगावाट के नए रिकॉर्ड उच्चस्तर पर पहुंच गई थी। विद्युत मंत्रालय ने इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान जताया है। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताह भी लू जारी रहने का अनुमान लगाया है। कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
खपत में हो सकती है बढ़ोतरी
विशेषज्ञों का कहना है कि पारा चढ़ने के साथ घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग बढ़ रही है। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और खपत में और वृद्धि हो सकती है।
2025 में इतनी थी डिमांड
पिछली गर्मियों में, जून, 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जो सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही। मई, 2024 में, बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावाट तक पहुंच गई थी जो उस समय एक रिकॉर्ड था और सितंबर, 2023 में बने पिछले अबतक के उच्चतम स्तर 243.27 गीगावाट को पार कर गयी थी।
इस बीच, दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग बुधवार को इस मौसम में पहली बार 8,000 मेगावाट को पार की गई। दिल्ली राज्य लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम मांग दोपहर 3:35:47 बजे 8,039 मेगावाट तक पहुंच गई।
