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दिल्ली में गर्मी का बड़ा करंट! बिजली की रिकॉर्ड डिमांड; 8039 MW पहुंचा लोड

Delhi Power Demand 2026 : दिल्ली में इस गर्मी के दौरान करीब 2670 मेगावाट ग्रीन पावर भी सप्लाई में अहम भूमिका निभाएगी। बिजली वितरण कंपनियों ने दावा किया है कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़ती मांग के बावजूद निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखी।

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दिल्ली में बढ़ी बिजली की रिकॉर्ड डिमांड (फोटो-AI)

Delhi Power Demand 2026: दिल्ली-एनसीआर में लगातार भीषण गर्मी का सिलसिला जारी है। कई हिस्सों पर लू का अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इस बीच बिजली की मांग बढ़ गई है और लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (SLDC) के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार दोपहर 3:35 बजे दिल्ली की पीक पावर डिमांड 8039 मेगावाट तक पहुंच गई, जो वर्ष 2026 में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले सोमवार को दिल्ली की बिजली मांग दोपहर में 7777 मेगावाट और रात में बढ़कर 7841 मेगावाट दर्ज की गई थी।

बिजली वितरण कंपनियों बीएसईएस (BSES) ने दावा किया है कि उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में बढ़ती मांग के बावजूद निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखी। बीएसईएस डिस्कॉम्स ने क्रमशः 3665 मेगावाट और 1753 मेगावाट की पीक डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया।

आंकड़ों के मुताबिक, 1 मई से 20 मई 2026 के बीच दिल्ली की बिजली मांग पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी अधिक रही। इस अवधि में 2026 की पीक डिमांड, 2025 के मुकाबले 20 में से 15 दिनों यानी 75 प्रतिशत दिनों में ज्यादा रही, जबकि 2024 की तुलना में 13 दिनों यानी 65 प्रतिशत दिनों में अधिक दर्ज की गई।

बिजली की खपत तेजी

दिल्ली में गर्मी की शुरुआत इस बार जल्दी और ज्यादा तीव्र होने के कारण बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। यही वजह है कि अप्रैल महीने में ही बिजली मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया था। 27 अप्रैल 2026 को पहली बार अप्रैल में दिल्ली की पीक डिमांड 7000 मेगावाट के पार पहुंचकर 7078 मेगावाट दर्ज की गई थी। इससे पहले 7000 मेगावाट का आंकड़ा मई महीने में पार होता था।

SLDC के अनुमान के अनुसार, इस साल दिल्ली की बिजली मांग 9000 मेगावाट के पार जा सकती है। गौरतलब है कि 2025 में दिल्ली की अब तक की सर्वाधिक पीक डिमांड 8656 मेगावाट रिकॉर्ड की गई थी।

बीएसईएस ने बताया कि दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के करीब 53 लाख उपभोक्ताओं और लगभग 2.25 करोड़ आबादी को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। इसके तहत लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट, अन्य राज्यों के साथ बैंकिंग व्यवस्था और AI व मशीन लर्निंग आधारित डिमांड फोरकास्टिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में इस गर्मी के दौरान करीब 2670 मेगावाट ग्रीन पावर भी सप्लाई में अहम भूमिका निभाएगी। इसमें सौर ऊर्जा से 840 मेगावाट, जलविद्युत से 572 मेगावाट, पवन ऊर्जा से 500 मेगावाट और रूफटॉप सोलर से करीब 250 मेगावाट बिजली मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा किलोकरी स्थित 20 मेगावाट बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) भी ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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