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पाकिस्तान में बाढ़ से सप्लाई चेन ठप, लाहौर में आसमान छू रहे चिकन, सब्जियों और फलों के दाम

पंजाब प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने लाहौर की सप्लाई चेन को ठप कर दिया है। नतीजा यह है कि चिकन, सब्जियों और फलों की कीमतें आधिकारिक रेट से कहीं ज्यादा बढ़ गई हैं और उपभोक्ताओं पर महंगाई का भारी बोझ पड़ रहा है।

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पाकिस्तान में बाढ़ से सप्लाई चेन ठप (Photo-istock)

Pakistan Floods Disrupt Supply Chains: पंजाब प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने लाहौर की फूड सप्लाई चेन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सड़कों के बंद होने और ट्रांसपोर्ट बाधित होने से शहर में चिकन, सब्जियों और फलों की कीमतों में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि न केवल दाम बढ़ गए हैं, बल्कि बाजार में मिलने वाला सामान भी कम मात्रा और खराब क्वालिटी का है।

पोल्ट्री की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

लाहौर में चिकन और उसके उत्पादों की कीमतें कंट्रोल से बाहर हो गई हैं। जहां जिंदा चिकन का आधिकारिक भाव 397 से 411 पाकिस्तानी रुपये तय है, वहीं बाजार में यह 500 से 530 रुपये में बिक रहा है। चिकन-मीट की कीमत 595 रुपये तय होने के बावजूद 650 से 750 रुपये तक वसूली जा रही है, जबकि बोनलेस चिकन 1,100 रुपये के मुकाबले 1,200 रुपये तक बेचा जा रहा है।

कौन-सा सामान कितना हुआ महंगा

लाहौर में खाद्य वस्तुओं की कीमतें (पाकिस्तानी रुपये प्रति किलो/प्रति पीस)
कैटेगरीवस्तुआधिकारिक रेट (PKR)बाजार रेट (PKR)
पोल्ट्रीजिंदा चिकन397 – 411500 – 530
चिकन मीट595650 – 750
बोनलेस चिकन1,1001,200
सब्जियांआलू85 – 90150
प्याज65 – 70100 – 120
टमाटर110 – 120200
लहसुन205 – 215300
अदरक395 – 465600 – 700
फलआम210 – 310200 – 450
अंगूर440 – 460500 – 600
खजूर470 – 500900 – 2,000
पर्सिमन्स (जपानी फल)168 – 175300 – 350

सब्जियों की कीमतों पर बाढ़ का असर

लाहौर में सब्जियों की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित होने से कीमतें दोगुनी तक हो गई हैं। आलू 85-90 रुपये से बढ़कर 150 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। प्याज 65-70 रुपये की जगह 100-120 रुपये में बिक रहा है। टमाटर 110-120 रुपये के बजाय 200 रुपये तक पहुंच गए हैं। लहसुन 205-215 रुपये से बढ़कर 300 रुपये, जबकि अदरक 395-465 रुपये की जगह 600-700 रुपये में मिल रहा है।

फलों के दाम भी हुए दोगुने

लाहौर के बाजारों में फलों के दामों में भी जोरदार उछाल दर्ज हुआ है। आम जहां 210-310 रुपये तय था, वहां 200 से 450 रुपये तक बिक रहा है। अंगूर 440-460 रुपये की जगह 500-600 रुपये में मिल रहे हैं। खजूर का आधिकारिक भाव 470-500 रुपये है, मगर बाजार में यह 900 से 2,000 रुपये तक बिक रहा है। पर्सिमन्स भी 168-175 रुपये के मुकाबले 300-350 रुपये में बेचे जा रहे हैं।

प्रशासन की निगरानी पर उठे सवाल

बाजारों में उपभोक्ताओं ने प्रशासन की निष्क्रियता पर नाराजगी जताई है। लाहौर के शादमान मार्केट में खरीदारी कर रहे अली अहमद ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा कि “प्राइस कंट्रोल टीमें कहीं दिखाई नहीं देतीं, हर दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहा है।” थोक व्यापारियों का कहना है कि बाढ़ग्रस्त इलाकों से ट्रक समय पर नहीं पहुंच पा रहे, जिससे सप्लाई घट गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि बाढ़ और कमजोर निगरानी ने उपभोक्ताओं को मुनाफाखोरी के हवाले कर दिया है और आने वाले हफ्तों में स्थिति और बिगड़ सकती है।

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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