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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट! एशियाई बाजार खुलते ही 2% से ज्यादा टूटा क्रूड ऑयल

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों पर थोड़ी राहत मिली है। बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 2.09 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है, जिससे इसकी कीमत गिरकर 79.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है।

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Crude Oil

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भारी तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार से एक राहत भरी खबर आई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही कच्चे तेल की कीमतों पर अचानक ब्रेक लग गया है। शुक्रवार को एशियाई बाजारों के खुलते ही कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट उन निवेशकों और देशों के लिए बड़ी राहत है, जो तेल की आसमान छूती कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की आशंका से डरे हुए थे।

80 डॉलर के नीचे आई कीमतें

बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) में 2.09 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है, जिससे इसकी कीमत गिरकर 79.32 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है। गौरतलब है कि गुरुवार को इसी तेल की कीमत में 8.5 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल देखा गया था और यह 81.01 डॉलर के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं, ब्रेंट नॉर्थ सी क्रूड (Brent Crude), जो गुरुवार को 4.9 प्रतिशत बढ़ा था, एशियाई कारोबार के शुरुआती घंटों में अभी स्थिर बना हुआ है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में हुई 'ओवरबाइंग' (जरूरत से ज्यादा खरीदारी) के बाद अब मार्केट थोड़ा ठंडा पड़ रहा है। हालांकि मिडिल ईस्ट का संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन सप्लाई चेन के पूरी तरह बाधित न होने की उम्मीद ने कीमतों को नीचे धकेला है। तेल की कीमतों में आई यह कमी भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए काफी अहम है। यदि कच्चे तेल के दाम इसी तरह 80 डॉलर के नीचे बने रहते हैं, तो आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है।

अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने की दी राहत

पश्चिम एशिया में गहराते युद्ध के संकट ने कच्चे तेल की सप्लाई चेन को हिला दिया है, जिससे कीमतें तेजी से बढ़ रही थीं। भारत के लिए यह बड़ी चिंता की बात है क्योंकि हम अपनी जरूरत का 85% तेल विदेशों से मंगाते हैं। हालांकि, संकट के बीच अमेरिका ने भारत को बड़ी राहत देते हुए रूसी तेल खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट दे दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण तेल की कीमतों में 20% का उछाल आया था, लेकिन आज बाजार थोड़ा ठंडा पड़ा है और ब्रेंट क्रूड करीब 2% गिरकर 83.72 डॉलर पर आ गया है।
Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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