Nuh Communal Violence History And Emerging Cyber Fraud Hotspot: हरियाणा के मेवात क्षेत्र में आने वाला नूह में एक बार फिर हिंसा की चिंगारी भड़की है। इस बार यह आग ऐसी है कि गुरूग्राम तक उसकी आंच पहुंच गई। असल में नूह एक ऐसा एरिया है, जहां पर सांप्रदायिक तनाव के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियां भी परवान चढ़ती हैं। यह इलाका अब साइबर फ्रॉड का भी गढ़ बनता जा रहा है। यहां पर साइबर फ्रॉड का नेटवर्क ऐसा फैल चुका है कि मेवात को नया जामताड़ा कहां जा रहा है। इलाके में गांव-गांव तक साइबर फ्रॉड की साजिश रची जा रही है। और वहां से बैठे-बैठे कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड किए जा रहे हैं। नूह भारत के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है। यहां पर करीब 80 फीसदी मुस्लिम और 20 फीसदी हिंदू आबादी है।
40 गांव बने हॉट स्पॉट
नूह में साइबर फ्रॉड के अपराधी किस तरह पैठ बना चुके हैं, इसे बीते मई में हरियाणा हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने उस समय फर्जी डॉक्यूमेंट्स से जारी किए गए करीब 20,545 मोबाइल नंबर्स को को ब्लॉक कराया था। पुलिस के अनुसार ज्यादातर ब्लॉक किए गए सिम कार्ड आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से जारी किए गए थे। इसी तरह पुलिस ने करीह 40 गांवों को हॉटस्पॉट माना है। जहां से धोखाधड़ी में शामिल करीब 34,000 मोबाइल नंबरों की पहचान की गई ।
देर रात चला था ऑपरेशन
इसके पहले अप्रैल में हरियाणा पुलिस ने धड़-पकड़ का बड़ा अभियान चलाया था। देर रात चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने 125 लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद 65 लोगों के खिलाफ 16 FIR दर्ज की गई। इस ऑपरेशन का दायरा इतना बड़ा था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने नूह के 300 गांवों के 14 लोकेशन पर पूरी रात ऑपरेशन चलाया था। पुलिस के इन ऑपरेशन से साफ है कि हरियाणा में साइबर क्राइम ने पूरी पैठ बना ली है। और यह घर-घर से बड़े पैमाने पर चल रहा है।
साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें
सबसे पहली बात कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट की संवेदनशील जानकारी शेयर नहीं करें। इसके तहत ओटीपी, पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स, सीवीवी नंबर शेयर नहीं करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अनजान क्यू आर कोड आदि पर पेमेंट आदि से बचें। अगर इसके बाद भी आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और उसके टोल फ्री नंबर 1930 पर सीधें शिकायत दर्ज की जा सकती है। बीते मार्च में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि इस पोर्टल के जरिए साइबर अपराधियों से 1.33 लाख लोगों के 235 करोड़ रुपये रिकवर किए जा चुके हैं।
