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नूह हिंसा के अलावा इसलिए भी बदनाम,अपराधी घर बैठे पूरे भारत में लगा रहे हैं चूना

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Aug 1, 2023, 02:48 PM IST

Nuh Emerging As A Cyber Fraud Hotspot: नूह में साइबर फ्रॉड के अपराधी किस तरह पैठ बना चुके हैं, इसे बीते मई में हरियाणा हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने उस समय फर्जी डॉक्‍यूमेंट्स से जारी किए गए करीब 20,545 मोबाइल नंबर्स को को ब्लॉक कराया था। पुलिस के अनुसार ज्यादातर ब्लॉक किए गए सिम कार्ड आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से जारी किए गए थे।

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NUH Violence And Cyber Fraud

Nuh Communal Violence History And Emerging Cyber Fraud Hotspot: हरियाणा के मेवात क्षेत्र में आने वाला नूह में एक बार फिर हिंसा की चिंगारी भड़की है। इस बार यह आग ऐसी है कि गुरूग्राम तक उसकी आंच पहुंच गई। असल में नूह एक ऐसा एरिया है, जहां पर सांप्रदायिक तनाव के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियां भी परवान चढ़ती हैं। यह इलाका अब साइबर फ्रॉड का भी गढ़ बनता जा रहा है। यहां पर साइबर फ्रॉड का नेटवर्क ऐसा फैल चुका है कि मेवात को नया जामताड़ा कहां जा रहा है। इलाके में गांव-गांव तक साइबर फ्रॉड की साजिश रची जा रही है। और वहां से बैठे-बैठे कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोगों के साथ फाइनेंशियल फ्रॉड किए जा रहे हैं। नूह भारत के सबसे पिछड़े जिलों में से एक है। यहां पर करीब 80 फीसदी मुस्लिम और 20 फीसदी हिंदू आबादी है।

40 गांव बने हॉट स्पॉट

नूह में साइबर फ्रॉड के अपराधी किस तरह पैठ बना चुके हैं, इसे बीते मई में हरियाणा हरियाणा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने उस समय फर्जी डॉक्‍यूमेंट्स से जारी किए गए करीब 20,545 मोबाइल नंबर्स को को ब्लॉक कराया था। पुलिस के अनुसार ज्यादातर ब्लॉक किए गए सिम कार्ड आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दिल्ली से जारी किए गए थे। इसी तरह पुलिस ने करीह 40 गांवों को हॉटस्पॉट माना है। जहां से धोखाधड़ी में शामिल करीब 34,000 मोबाइल नंबरों की पहचान की गई ।

देर रात चला था ऑपरेशन

इसके पहले अप्रैल में हरियाणा पुलिस ने धड़-पकड़ का बड़ा अभियान चलाया था। देर रात चलाए गए इस ऑपरेशन में पुलिस ने 125 लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद 65 लोगों के खिलाफ 16 FIR दर्ज की गई। इस ऑपरेशन का दायरा इतना बड़ा था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने नूह के 300 गांवों के 14 लोकेशन पर पूरी रात ऑपरेशन चलाया था। पुलिस के इन ऑपरेशन से साफ है कि हरियाणा में साइबर क्राइम ने पूरी पैठ बना ली है। और यह घर-घर से बड़े पैमाने पर चल रहा है।

साइबर फ्रॉड से ऐसे बचें

सबसे पहली बात कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक अकाउंट की संवेदनशील जानकारी शेयर नहीं करें। इसके तहत ओटीपी, पासवर्ड, कार्ड डिटेल्स, सीवीवी नंबर शेयर नहीं करें और किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। इसके अलावा अनजान क्यू आर कोड आदि पर पेमेंट आदि से बचें। अगर इसके बाद भी आपके साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल और उसके टोल फ्री नंबर 1930 पर सीधें शिकायत दर्ज की जा सकती है। बीते मार्च में गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि इस पोर्टल के जरिए साइबर अपराधियों से 1.33 लाख लोगों के 235 करोड़ रुपये रिकवर किए जा चुके हैं।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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