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PSU Banks: अब खाते में नहीं रखना होगा मिनिमम बैलेंस, 4 सरकारी बैंकों ने दी बड़ी राहत, जुर्माना हुआ खत्म

Average Monthly Balance: औसत मासिक बैलेंस (AMB) वह न्यूनतम बैलेंस होता है जिसे किसी ग्राहक को अपने बैंक खाते में बनाए रखना जरूरी होता है। यदि बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस से कम राशि हो तो बैंक AMB बनाए रखने में विफल रहने पर जुर्माना लगाते हैं। बचत खाते के प्रकार के आधार पर जुर्माना अलग-अलग होता है। मगर अब देश के कई प्रमुख बैंकों ने अपने बचत खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए औसत मासिक बैलेंस (एएमबी) की अनिवार्यता को खत्म करने का ऐलान किया है।

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4 सरकारी बैंकों ने दी बड़ी राहत

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • मिनिमम बैलेंस की जरूरत खत्म
  • 4 सरकारी बैंकों ने दी बड़ी छूट
  • नहीं लगेगा जुर्माना

Average Monthly Balance: औसत मासिक बैलेंस (AMB) वह न्यूनतम बैलेंस होता है जिसे किसी ग्राहक को अपने बैंक खाते में बनाए रखना जरूरी होता है। यदि बैंक खाते में मिनिमम बैलेंस से कम राशि हो तो बैंक AMB बनाए रखने में विफल रहने पर जुर्माना लगाते हैं। बचत खाते के प्रकार के आधार पर जुर्माना अलग-अलग होता है। मगर अब देश के कई प्रमुख बैंकों ने अपने बचत खाताधारकों को बड़ी राहत देते हुए औसत मासिक बैलेंस (एएमबी) की अनिवार्यता को खत्म करने का ऐलान किया है। इस कदम से उन ग्राहकों को फायदा होगा जो न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने में असमर्थ थे और इसके लिए उन पर चार्ज लगता था। यह बदलाव बैंकिंग को और अधिक आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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इंडियन बैंक

इंडियन बैंक ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 7 जुलाई, 2025 से सभी बचत खातों पर न्यूनतम बैलेंस की शर्त को पूरी तरह से हटा देगा। इस फैसले का उद्देश्य ग्राहकों पर वित्तीय बोझ को कम करना और बैंकिंग सेवाओं को सभी के लिए सुलभ बनाना है। यह कदम विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए लाभकारी होगा जो छोटे-मोटे लेनदेन के लिए अपने खाते का उपयोग करते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने पहले ही 2020 में अपने सभी बचत खातों से न्यूनतम बैलेंस की आवश्यकता को हटा दिया था। इस नीति के तहत, ग्राहकों को अब बैलेंस कम होने पर किसी भी तरह के जुर्माने का सामना नहीं करना पड़ता। एसबीआई का यह कदम कस्टमर-सेंट्रिक अप्रोच को दर्शाता है, जिसने लाखों खाताधारकों को राहत प्रदान की है।

कैनरा बैंक

कैनरा बैंक ने भी मई 2025 में अपने सभी प्रकार के बचत खातों, जैसे कि नियमित बचत खाते, वेतन खाते और एनआरआई बचत खातों, के लिए औसत मासिक बैलेंस की शर्त को हटाने की घोषणा की। इस पहल ने ग्राहकों के बीच बैंक की लोकप्रियता को और बढ़ाया है, क्योंकि अब उन्हें न्यूनतम बैलेंस की चिंता किए बिना अपने खाते का उपयोग करने की आजादी है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB)

पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने भी सभी बचत खातों में न्यूनतम औसत बैलेंस (एमएबी) की शर्त को खत्म करने का फैसला किया है। पहले पीएनबी में न्यूनतम बैलेंस की कमी के आधार पर जुर्माना लगाया जाता था। इस नए फैसले से ग्राहकों को फाइनेंशियल फ्लेक्सिबिलिटी मिलेगाी और बैंकिंग अनुभव में सुधार होगा।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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