ITR Filing: एक नौकरीपेशा व्यक्ति के लिए फॉर्म 16 काफी जरूरी होता है। इसमें हर वह डिटेल होती है, जिसके माध्यम से आप आसानी से अपना इनकम टैक्स रिटर्न (आईटीआर) भर सकते हैं। ऐसे में फॉर्म 16 के बारे में आपको सारी जानकारी होनी चाहिए, जिससे आईटी रिटर्न भरने के बाद आपको टैक्स नोटिस आदि का सामना न करना पड़े। फॉर्म 16 एक दस्तावेज होता है जो नियोक्ता की ओर से जारी किया जाता है। इसमें नौकरी करने वाले व्यक्ति की आय, काटे गए टैक्स, छूट और पूरी वित्तीय प्रोफाइल होती है।
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फॉर्म 16 में होती है अहम डिटेल
फॉर्म 16 को एक वैध दस्तावेज माना जाता है, जो इस बात का भी सबूत होता है कि आपकी कर योग्य आय में से टैक्स की कटौती करके सरकार के पास जमा करा दिया गया है। कुछ विशेष मामलों में पेंशन और ब्याज से आय अर्जित करने वाले 75 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों को बैंक और वित्तीय संस्थान यह फॉर्म जारी करते हैं।
फॉर्म 16 के दो भाग होते हैं। पहला भगा- ए, जिसमें पैन की डिटेल्स, नियोक्ता का टैन, प्राप्त हुई सैलरी और काटा गया टीडीएस आदि होता है।
टैक्स फाइलिंग की जानकारी
दूसरा भाग -बी, जिसमें टैक्स फाइलिंग की जानकारी होती है। इसमें कुल आय, छूट (एचआरए और एलटीए आदि), कटौती (80सी और 80डी आदि) और कुल देय टैक्स की राशि शामिल होती है।
अगर आप फॉर्म 16 के जरिए आईटीआर भरने जा रहे हैं तो आपको कुछ बातों को जरूर चेक करना चाहिए।
रिजेक्ट हो सकता है आईटीआर
पैन डिटेल्स, अपना नाम, नियोक्ता का टैन आदि को अवश्य वेरिफाई करें। अगर इनमें से किसी में भी गलती होती है तो आपका आईटीआर रिजेक्ट हो सकता है। अपने सैलरी ब्रेकअप को पे-स्लिप के साथ मिलना करें और सुनिश्चित करें कि सभी आंकड़ों में एकरूपता हो।
फॉर्म 16 के कटौती सेगमेंट में हाउस रेंट अलाउंस (एचआरए), लीव ट्रैवल अलाउंस (एलटीए) और सेक्शन 80डी/80सी क्लेम की सारी जानकारी आपकी वास्तविक कटौती के मुताबिक ही होनी चाहिए। टीडीएस आंकड़ों को भी फॉर्म 26एएस और एनुअल इन्फॉरमेशन स्टेटमेंट (एआईएस) के साथ क्रॉस चेक करें।
फॉर्म 26एएस एक स्टेटमेंट होता है, जिसमें सारी टैक्स से जुड़ी जानकारियों होती हैं जैसे टैक्सपेयर का पैन नंबर, टीडीएस ( टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) और टीसीएस (टैक्स कलेक्ट एट सोर्स), एडवांस टैक्स और रिफंड आदि की जानकारी शामिल है। वहीं, एआईएस फॉर्म 26एएस में दी गई जानकारी का विस्तृत सारांश होता है। (इनपुट - आईएएनएस)
