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दुनिया की सबसे बड़ी ये कंपनी ने भी माना, यह भारत का युग है, एक दशक तक 8 से 10% बढ़ेगी GDP

India Growth: ब्लैकरॉक के चेयरमैन और सीईओ लैरी फिंक ने कहा कि आने वाले कुछ साल भारत के लिए बेहद अहम होंगे और देश अगले एक दशक तक 8 से 10 प्रतिशत की दर से आर्थिक वृद्धि कर सकता है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ साझेदारी कर रहे फिंक ने भारतीयों से अपील की कि वे अपनी बचत सिर्फ बैंक जमा तक सीमित न रखें और पूंजी बाजार में निवेश करें।

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भारत की आर्थिक उड़ान पर वैश्विक भरोसा (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

India Growth: दुनिया की सबसे बड़ी परिसंपत्ति मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के चेयरमैन और सीईओ लैरी फिंक ने भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ साल भारत के नाम रहेंगे और देश अगले 10 साल या उससे ज्यादा समय तक 8 से 10 प्रतिशत की तेज आर्थिक वृद्धि कर सकता है। उनके मुताबिक, भारत इस समय ऐसे दौर में है जहां सही नीतियों और निवेश से बड़ी छलांग लगाई जा सकती है।

भारतीयों से निवेश की अपील

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के साथ मिलकर भारत में निवेश और संपत्ति प्रबंधन का कारोबार कर रही ब्लैकरॉक के प्रमुख लैरी फिंक ने भारतीयों से अपील की कि वे अपनी बचत सिर्फ बैंक जमा तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि लंबी अवधि में पूंजी बाजार में निवेश करने से बेहतर रिटर्न मिलता है। उन्होंने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां जिन लोगों ने शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश किया, उन्हें समय के साथ ज्यादा लाभ मिला, जबकि सिर्फ बैंक में पैसा रखने वालों को अपेक्षाकृत कम फायदा हुआ।

भारत की बौद्धिक शक्ति से आशावाद

जियो ब्लैकरॉक के एक कार्यक्रम में बोलते हुए फिंक ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी बौद्धिक क्षमता है। यहां के लोग तकनीक को तेजी से अपनाकर व्यापार, उपभोग और सूचना व्यवस्था को नए तरीके से बदल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह से टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहा है, वह दुनिया के लिए प्रेरणादायक है।

अंबानी का भरोसा: नई पीढ़ी का दौर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भी फिंक की बातों से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि यह भारत की नई पीढ़ी का समय है और देश में लगातार दोहरे अंक की आर्थिक वृद्धि संभव है। उन्होंने बताया कि साल 2023 में जियो और ब्लैकरॉक की साझेदारी सिर्फ पांच मिनट में तय हो गई थी, जिसके पीछे दोनों के बीच पुरानी दोस्ती और साझा सोच एक बड़ी वजह थी।

बचत से निवेश की ओर बदलाव जरूरी

मुकेश अंबानी ने कहा कि भारत पारंपरिक रूप से बचत करने वाला देश रहा है, लेकिन उन्होंने चिंता जताई कि पिछले साल भारतीयों ने 60 अरब डॉलर से ज्यादा सोने और 15 अरब डॉलर चांदी में निवेश किया। उनका कहना था कि जियो ब्लैकरॉक के सामने बड़ा अवसर है कि वह लोगों को पूंजी बाजार के बारे में जागरूक करे और उनकी बचत को उत्पादक निवेश की ओर मोड़े।

तकनीक से निवेश क्षेत्र में बदलाव

अंबानी ने कहा कि जिस तरह रिलायंस जियो ने सस्ती सेवाओं के जरिए दूरसंचार क्षेत्र में क्रांति लाई, उसी तरह अब तकनीक आधारित वितरण से निवेश और संपत्ति प्रबंधन क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज भारत के गांवों में भी दुनिया के कई देशों से बेहतर और सस्ती 5जी सेवाएं उपलब्ध हैं, जो डिजिटल वित्त को गांव-गांव तक पहुंचाने में मदद करेंगी।

मजबूत व्यवस्था और नेतृत्व की भूमिका

अंबानी ने कहा कि किसी भी देश की आर्थिक वृद्धि के लिए मजबूत कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को स्थिर आर्थिक नेतृत्व बताते हुए कहा कि ऐसे नेतृत्व से ही देश की वैश्विक पहचान बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भारत में 100 नई रिलायंस जैसी बड़ी कंपनियां उभरती हुई दिखाई देंगी।

एआई से डर नहीं, अपनाने की जरुरत

मुकेश अंबानी ने लोगों से कृत्रिम मेधा यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से डरने के बजाय उसे अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पिछली औद्योगिक क्रांतियों के समय भी बदलाव से डर था, लेकिन मानवता आगे ही बढ़ी। उनके मुताबिक आने वाले वर्षों में एआई देश के 20 करोड़ बच्चों की शिक्षा में मदद करेगा और स्वास्थ्य, सुरक्षा और कर व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान करेगा।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

ऊर्जा क्षेत्र को लेकर अंबानी ने कहा कि आने वाले समय में भारत आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़े कदम उठाएगा। उनका मानना है कि 10 साल बाद भारत अपनी 80 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर नहीं रहेगा।

म्यूचुअल फंड में तेजी की उम्मीद

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन केवी कामत ने कहा कि अगले पांच वर्षों में म्यूचुअल फंड में प्रबंधित कुल निवेश राशि मौजूदा 80 लाख करोड़ रुपये से दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है। ब्लैकरॉक के मुख्य परिचालन अधिकारी रॉब गोल्डस्टीन ने कहा कि भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लिए मजबूत पूंजी बाजार और म्यूचुअल फंड उद्योग की जरुरत है।

नए दौर में बैंकों की चुनौती

कामत ने कहा कि वित्तीय और तकनीकी बदलावों के कारण बैंकों को भी आने वाले समय में खुद को नए सिरे से ढालना होगा। उन्होंने बताया कि जियो ब्लैकरॉक ने सात महीने पहले पहला फंड लॉन्च किया था और अब तक 10 लाख निवेशक जुड़ चुके हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत लोग पहली बार म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं।

बढ़ता डिजिटल आधार

जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ हितेश सेठिया ने कहा कि कंपनी की शुरुआत के बाद अब तक दो करोड़ से ज्यादा उपयोगकर्ता जुड़ चुके हैं। यह भारत में डिजिटल वित्त के बढ़ते भरोसे को दिखाता है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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