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कर्ज मिलने में नहीं होगी दिक्कत! कंपनियों के लिए नई क्रेडिट गारंटी स्कीम पर काम जारी

सरकार ने 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) शुरू की थी। इस योजना का मकसद कोविड-19 महामारी से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) और अन्य योग्य कंपनियों को मदद देना था।

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आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना जैसी व्यवस्था जल्द लाई जा सकती है।(फोटो क्रेडिट-iStock)

पश्चिम एशिया में चल रहे संकट को देखते हुए सरकार कंपनियों की मदद के लिए एक खास योजना शुरू करने पर विचार कर रही है। एक अधिकारी ने बताया कि इसके तहत आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) जैसी व्यवस्था लाई जा सकती है। इसमें कंपनियों को कर्ज गारंटी के साथ बिना कोई संपत्ति गिरवी रखे भी लोन मिल सकता है, ताकि मुश्किल समय में उनका कारोबार चलता रहे।

सरकार ने 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ECLGS) शुरू की थी। इस योजना का मकसद कोविड-19 महामारी से प्रभावित सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (MSME) और अन्य योग्य कंपनियों को मदद देना था, ताकि वे अपने जरूरी खर्च पूरे कर सकें और अपना कारोबार दोबारा शुरू कर सकें।

उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग में अतिरिक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने यहां आयोजित ’सीआईआई एमएसएमई लीडरशिप समिट 2026’ को संबोधित करते हुए कहा, ’’ ईसीएलजीएस जैसी व्यवस्था लाने पर विचार जारी है जिसमें बिना कुछ गिरवी रखे ऋण, ऋण गारंटी, कर्ज पुनर्गठन और ऋण स्थगन जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं।’’

माल की खरीदारी के लिए काम जारी

उन्होंने बताया कि कच्चे माल की खरीद के लिए एनएसआईसी (राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लि.) कार्यक्रम के तहत भी काम जारी है। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और अन्य नियामकों से कुछ नियामकीय राहत देने पर भी विचार किया जा रहा है। सिंह ने उद्योग से इन प्रस्तावित उपायों पर प्रतिक्रिया भी मांगी। पहले लागू आपात ऋण गारंटी योजना में लगभग सभी आर्थिक क्षेत्र शामिल थे और इसके तहत सदस्य ऋण संस्थानों (एमएलआई) द्वारा दिए गए ऋण पर 100 प्रतिशत गारंटी दी जाती थी।

इस योजना के तहत उधारकर्ताओं को आसानी से ऋण उपलब्ध कराया गया। बैंक बिना किसी नए मूल्यांकन के मौजूदा ऋण के आधार पर पहले से स्वीकृत अतिरिक्त ऋण देते थे। ऋण लागत को कम करने के लिए ब्याज दर पर भी सीमा तय की गई थी और बिना किसी प्रसंस्करण शुल्क, पूर्व-भुगतान शुल्क और गारंटी शुल्क के ऋण स्वीकृत किए गए थे। यह योजना 31 मार्च, 2023 तक जारी रही।

(इनपुट-भाषा)

Gaurav Tiwari
गौरव तिवारीauthor

गौरव तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में टेक और ऑटो बीट को कवर करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 9 वर्षों के अनुभव के साथ, गौरव तकनीकी दुनिया की तेजी से बदलती जानकारियो को सरल और समझने योग्य भाषा में पेश करने के लिए जाने जाते हैं। वह गैजेट रिव्यू, टेलिकॉम अपडेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर क्राइम, टिप्स एंड ट्रिक्स, ई-कॉमर्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर की महत्वपूर्ण खबरों पर लगातार काम करते हैं। गौरव अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं। उनकी स्टोरीज न सिर्फ टेक-सेवी पाठकों के लिए उपयोगी होती हैं, बल्कि आम यूजर्स को भी नई तकनीक समझने और अपनाने में मदद करती हैं।

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