बढ़ती निर्माण लागत का असर देश के बड़े शहरों के रियल एस्टेट बाजार पर साफ दिख रहा है। जेएलएल इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च तिमाही में भारत के 7 प्रमुख शहरों में फ्लैट के दाम पिछले साल की तुलना में 8% से 20% तक बढ़ गए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस दौरान फ्लैट की बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है। बिक्री 8% बढ़कर 70,631 इकाई हो गई, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 65,222 इकाई थी। इसके साथ ही नए घरों की आपूर्ति भी बढ़ी है। यह 13% बढ़कर 90,023 इकाई तक पहुंच गई।
इस रिपोर्ट में जिन शहरों को शामिल किया गया है, उनमें दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई, हैदराबाद और कोलकाता आते हैं। हालांकि, बिक्री के आंकड़ों में सिर्फ फ्लैटों को ही गिना गया है। इसमें जमीन पर बने घर, विला और प्लॉट-आधारित प्रोजेक्ट्स को शामिल नहीं किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत मांग, जमीन एवं निर्माण की लागत बढ़ने और प्रीमियम आवास की तरफ ग्राहकों का रुझान होने से फ्लैट की कीमतों में बढ़ोतरी लगातार जारी है। हालांकि, बिक्री की रफ्तार सीमित रहने पर आगे कीमतों में वृद्धि की गति धीमी हो सकती है।
इन फ्लैट्स की बढ़ी मांग
आंकड़ों के अनुसार, मार्च तिमाही में 50 लाख रुपये से कम कीमत वाले फ्लैटों की बिक्री 24% घट गई और यह 20,269 इकाई रह गई। वहीं, एक करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाले फ्लैटों की मांग बढ़ी है। इनकी बिक्री 30% बढ़कर 50,362 इकाई तक पहुंच गई। जेएलएल इंडिया के वरिष्ठ प्रबंध निदेशक (चेन्नई और कोयंबटूर) और भारत में आवासीय सेवाओं के प्रमुख शिवा कृष्णन ने कहा कि रियल एस्टेट बाजार अभी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ नए घरों की आपूर्ति बढ़ रही है, लेकिन दूसरी तरफ खरीदार आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण खरीदारी में सावधानी बरत रहे हैं।
इन आंकड़ों पर रियल्टी कंपनी सत्वा ग्रुप की अध्यक्ष (बिक्री एवं विपणन) करिश्मा सिंह ने कहा कि खरीदार अब भरोसेमंद ब्रांड वाले डेवलपरों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे बड़े रियल एस्टेट कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही है।
(इनपुट-भाषा)
