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एक साल में दूसरी बार भारत क्यों आए डोनाल्ड ट्रंप के दामाद? अलप्पुझा में हाउसबोट का लुत्फ लेते दिखे माइकल बोलोस

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलोस निजी यात्रा पर केरल पहुंचे। उन्होंने कोच्चि और अलप्पुझा का दौरा किया और हाउसबोट की सवारी का आनंद लिया। उनके साथ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद रहे।

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डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलोस निजी यात्रा पर कोच्चि पहुंचे

कोच्चि : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलोस शनिवार को निजी यात्रा पर कोच्चि पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप के पति माइकल बोलोस के साथ भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी मौजूद थे। पुलिस सूत्रों ने कहा था कि अपने प्रवास के दौरान बोलोस कोच्चि और पड़ोसी अलप्पुझा के पर्यटन स्थलों की यात्रा कर सकते हैं। हालांकि उनके कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी की पुष्टि नहीं हुई है।

क्या केरल के सीएम से मिले बोलोस?

मीडिया की कुछ खबरों में कहा गया कि केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बोलोस के साथ चर्चा की, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने इन खबरों का खंडन किया। उन्होंने पुष्टि की कि मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राजदूत के साथ बातचीत की। सरकार के एक सूत्र ने कहा कि यह एक आधिकारिक बैठक थी। इस संबंध में आई कोई भी अन्य खबर गलत है।

PTI/भाषा के हवाले से संपर्क किए जाने पर अमेरिकी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा कि माइकल बोलोस करीब एक दशक से राजदूत गोर के मित्र हैं। वह अपने मित्र से मिलने के लिए इस साल दूसरी बार भारत की यात्रा कर रहे हैं। वह यहां निजी हैसियत से आए हैं, किसी आधिकारिक यात्रा पर नहीं।

राजदूत गोर ने बाद में सोशल मीडिया हैंडल पर बोलोस के साथ अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, ’’भारत में आपका फिर से स्वागत है बोलोस। केरल में आपका साथ पाकर बेहद रोमांचित महसूस कर रहा हूं। बाद में टेलीविजन चैनलों के फुटेज में बोलोस को अलप्पुझा में जलमार्गों की सुंदरता का आनंद लेते और वहां हाउसबोट की सवारी करते हुए देखा गया। सूत्रों ने बताया कि वह शनिवार को ही केरल से रवाना हो सकते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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