Market Prediction: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs का बड़ा दावा, इस साल 29,000 पार होगा निफ्टी
- Authored by: यतींद्र लवानिया
- Updated Jan 13, 2026, 08:57 AM IST
Nifty Prediction for 2026 (निफ्टी में कितनी तेजी आएगी) विदेशी बिकवाली और कमजोर रुपये के दबाव के बाद भी Goldman Sachs ने भारत पर Overweight कॉल बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि 2025 का “सबसे कमजोर साल” अब पीछे छूट सकता है और कमाई की रिकवरी और मार्जिन विस्तार के दम पर Nifty 2026 के अंत तक 29,000 के पार जा सकता है।
ग्लोबल ब्रोकरेज का बड़ा दावा (इमेज क्रेडिट, ओपन एआई)
Nifty Target in 2026 (निफ्टी 2026 में कितना बढ़ेगा): भारतीय शेयर बाजार के लिए Goldman Sachs की रिपोर्ट ने एक बार फिर बड़ा संकेत दे दिया है। ब्रोकरेज ने भारत पर अपनी Overweight रेटिंग कायम रखते हुए 2026 के अंत तक Nifty का टारगेट 29,300 तय किया है। Goldman का कहना है कि 2025 भले ही रुपये की कमजोरी, रिकॉर्ड FII बिकवाली और earnings downcycle के चलते मुश्किल रहा हो, लेकिन 2026 में तस्वीर बदल सकती है।
क्यों बढ़ा भरोसा?
Goldman Sachs ने कहा कि 2025 तीन दशकों में सबसे कमजोर सालों में रहा। इसकी बड़ी वजहें रहीं अर्निंग्स में कमी, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड बिकवाली। हालांकि ब्रोकरेज को उम्मीद है कि अब हालात पलटेंगे और भारतीय इक्विटी में मोमेंटम लौट सकता है।
अर्निंग्स रिकवरी पर बड़ा दांव
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल की गिरावट के बाद अब अर्निंग में सुधार आने की संभावना है। Goldman Sachs का मानना है कि आगे चलकर कंपनियों की कमाई में रिकवरी दिखेगी और नतीजे मजबूत रह सकते हैं।
मार्जिन्स में बड़ा उछाल संभव
Goldman Sachs ने प्रॉफिटेबिलिटी को लेकर भी बड़ा अनुमान दिया है। ब्रोकरेज का कहना है कि MSCI India मार्जिन्स जो पिछले 2-3 साल से 10-11% के दायरे में रहे हैं, वे FY26 और FY27 में 14-15% तक पहुंच सकते हैं। इसका मतलब यह है कि अगर खर्च कंट्रोल में रहे और डिमांड सुधरे, तो कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी में बड़ा जंप आ सकता है।
रुपये पर राहत के संकेत
Goldman Sachs का मानना है कि रुपये में सबसे खराब गिरावट अब पीछे छूट चुकी है। यानी, आने वाले दिनों में फॉरेक्स की वोलेटिलिटी का दबाव कम होने पर अर्निंग्स और मार्केट सेंटिमेंट को सपोर्ट मिल सकता है।
2026 के लिए 4 बड़ी थीम
Goldman Sachs ने 2026 के लिए कुछ key themes की पहचान की है, जिनसे बाजार को ग्रोथ सपोर्ट मिल सकता है।
1. खपत में वापसी
ब्रोकरेज को उम्मीद है कि बड़े पैमाने पर खपत (Mass Consumption) में उछाल आएगा। इसका फायदा FMCG, रिटेल और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर को मिल सकता है।
2. वित्तीय मजबूती
मजबूत फाइनेंशियल्स को Goldman ने 2026 की कोर थीम बताया है। क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर लिक्विडिटी और ईजिंग फाइनेंशियल कंडीशन से बैंकिंग और NBFC स्पेस में मोमेंटम बन सकता है।
3. डिफेंस सेक्टर पर फोकस
डिफेंस को लेकर लॉन्ग टर्म विजिबिलिटी और ऑर्डर फ्लो के दम पर इस थीम के स्टॉक्स में लगातार मोमेंटम बना रह सकता है।
4. एनर्जी सिक्योरिटी
एनर्जी सिक्योरिटी को Goldman ने बड़ी थीम माना है। इसमें पावर, ट्रांसमिशन, रिन्यूएबल और ऊर्जा से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए संकेत
Goldman Sachs का 29,300 का टारगेट साफ बताता है कि ग्लोबल ब्रोकरेज अब भी भारत की स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी को लेकर पॉजिटिव है। हालांकि, शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है, लेकिन अर्निंग रिकवरी और मार्जिन एक्सपेंशन अगर ट्रैक पर रहा तो मिड टू लॉन्ग टर्म में अपसाइड मोमेंटम का रास्ता खुल सकता है।
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