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NHEV और OMI फाउंडेशन के बीच एमओयू, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए तैयार होगा इंफ्रास्ट्रक्चर

समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य OMI और NHEV के बीच एक सहयोग स्थापित करना है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने उत्पादों, जिनमें NHEV का ई-हाईवे पायलट और OMI का EV-रेडी इंडिया डैशबोर्ड शामिल हैं, के लिए तकनीकी और ज्ञान भागीदार के रूप में काम करेंगे।

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अहम समझौता

NHEV And OMI Mou: नेशनल हाईवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (NHEV) और OMI फाउंडेशन ने भारत भर में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की तैनाती को तेज करने के लिए एक व्यापक रोडमैप विकसित करने के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की है।इस समझौता ज्ञापन (MoU) का उद्देश्य OMI और NHEV के बीच एक सहयोग स्थापित करना है, जिसमें दोनों पक्ष अपने-अपने उत्पादों, जिनमें NHEV का ई-हाईवे पायलट और OMI का EV-रेडी इंडिया डैशबोर्ड शामिल हैं, के लिए तकनीकी और ज्ञान भागीदार के रूप में काम करेंगे। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, दोनों पक्ष हाईवे के विद्युतीकरण और कुशल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तंत्र की प्रगति के माध्यम से स्थायी गतिशीलता नवाचारों को व्यापक रूप से अपनाने का मार्ग प्रशस्त करने का लक्ष्य रखते हैं।

क्या होगा फायदा

इस पहल से लंबे रूट पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता के महत्वपूर्ण मुद्दे को संबोधित करते हुए इलेक्ट्रिक ट्रकों और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक व्यापक थीम के रूप में, इस पहल का उद्देश्य व्यवसायों, बेड़े ऑपरेटरों और नीति निर्माताओं को महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करना है। इस और अन्य ऐसे व्यापक थीम के माध्यम से, यह सहयोग ई-मोबिलिटी को सभी हितधारकों के लिए लाभप्रद संपत्ति के रूप में उजागर करता है।

नेशनल प्रोग्राम डायरेक्टर -ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, प्रोजेक्ट डायरेक्टर- NHEV, अभिजीत सिन्हा ने कहा कि बुनियादी ढांचे और बेड़ों पर निरंतर डेटा अपडेट ईवी पारिस्थितिकी तंत्र में वित्तीय हितधारकों को रणनीतिक योजना में समर्थन करेगा। यह साझेदारी राज्य सरकारों को अपने परिवहन क्षेत्रों के विद्युतीकरण के लिए साक्ष्य-आधारित नीतियों को अपनाने में सक्षम बनाएगी, जो संघीय इंटरऑपरेबिलिटी पैटर्न पर निर्बाध, उन्नत और स्वच्छ अंतर-राज्य गतिशीलता को बढ़ावा देगी।

OMI फाउंडेशन की कार्यकारी निदेशक ऐश्वर्या रमन ने कहा कि हमारा NHEV के साथ सहयोग डेटा-संचालित नीति अनुसंधान में हमारी विशेषज्ञता का लाभ उठाएगा ताकि ईवी पारिस्थितिकी तंत्र में सूचित निर्णय लेने और रणनीतिक योजना का समर्थन किया जा सके। हाईवे के विद्युतीकरण के हिस्से के रूप में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए साक्ष्य-आधारित नीति सिफारिशों का विकास एक गेम-चेंजर होगा, जो पूरे ईवी पारिस्थितिकी तंत्र के लिए डेटा-संचालित निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा।यह पहल भारत की स्थायी परिवहन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो ईवी अपनाने को तेज करेगी और देश के लिए एक स्वच्छ, हरित भविष्य में योगदान देगी।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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