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GVK Power And Infrastructure: एक और कंपनी दिवालिया, 1.8 अरब डॉलर का कर्ज, शेयर 10 रुपये से नीचे आए

GVK Power And Infrastructure: कंपनी के ऊपर 13 जून, 2022 तक ऋणदाताओं का 1.84 अरब अमेरिकी डॉलर का बकाया था। इसमें 1.13 अरब डॉलर की मूल राशि, 73.15 करोड़ डॉलर का ब्याज और 1.44 लाख डॉलर की एजेंसी फीस शामिल है।

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जीवीके पॉवर इंफ्रास्ट्रक्चर

GVK Power And Infrastructure: GVK पावर एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (जीवीकेपीआईएल) को बैंकों का कर्ज चुकाने में फेल होने के कारण दिवाला कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की हैदराबाद पीठ ने आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड की अगुवाई वाले कर्जगारों के समूह की याचिका पर यह आदेश जारी किया है। इस आदेश का असर कंपनी के शेयर पर दिख रहा है। कंपनी के शेयर में मंगलवार को 5 फीसदी पर लोअर सर्किट लग गया था। और उसके शेयर 9.63 रुपये पर आ गए थे।शेयर का 52 हफ्तों में हाई 17 रुपये था। जबकि निचला स्तर 2.45 रुपये था।

कब लिया था कर्ज

जीवीकेपीआईएल ने शेयर बाजार को बताया कि यह कर्ज मूल रूप से एक दशक से अधिक समय पहले जीवीके कोल डेवलपर्स (सिंगापुर) पीटीई लिमिटेड ने लिया था, जिसके लिए जीवीकेपीआईएल ने गारंटी ली थी।एनसीएलटी की पीठ ने 12 जुलाई को आदेश जारी किया, जिसे सोमवार को सार्वजनिक किया गया। आईसीआईसीआई बैंक ने 2022 में याचिका दायर की थी।एनसीएलटी ने आदेश में कंपनी के प्रबंधन के लिए सतीश कुमार गुप्ता को अंतरिम समाधान पेशेवर नियुक्त किया।

1.8 अरब डॉलर का कर्ज

आदेश के अनुसार कॉरपोरेट देनदार ने अपनी देनदारियों को स्वीकार किया और उसे 13 जून, 2022 तक ऋणदाताओं को 1.84 अरब अमेरिकी डॉलर का भुगतान करना था। इसमें 1.13 अरब डॉलर की मूल राशि, 73.15 करोड़ डॉलर का ब्याज और 1.44 लाख डॉलर की एजेंसी फीस शामिल है। कंपनी के शेयरों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए बीएसई और एनएसई ने शेयर को लॉन्ग टर्म एडिशनल सर्विलांस फ्रेमवर्क में डाल दिया है। इससे निवेशकों को भारी उतार-चढ़ाव से बचाया जा सकेगा।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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