Muthoot Finance Share Price: मुथूट फाइनेंस के शेयरों में गुरुवार को 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई। इसकी वजह भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लोन-टू-वैल्यू (एलटीवी) ड्राफ्ट गाइडलाइंस को माना जा रहा है। दोपहर के कारोबार में मुथूट फाइनेंस का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर 7.25 प्रतिशत या 163.90 रुपए कम होकर 2,096 रुपए और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर 7.35 प्रतिशत या 166.35 रुपए गिरकर 2,096.40 पर था।
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''ग्रोथ आउटलुक को लेकर रहेगी अनिश्चितता''
जानकारों के मुताबिक, आरबीआई की ड्राफ्ट एलटीवी ड्राफ्ट गाइडलाइंस अगर लागू हो जाती है तो मुथूट फाइनेंस और इसकी प्रतिस्पर्धी नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (एनबीएफसी) पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
मोतीलाल ओसवाल की ओर से कहा गया, "जब तक आरबीआई के द्वारा गोल्ड-लेंडिंग गाइडलाइंस अंतिम रूप नहीं ले लेती हैं। तब तक गोल्ड लोन के ग्रोथ आउटलुक को लेकर अनिश्चितता बनी रहेगी।" इससे पहले बुधवार को शेयर 2 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,262.75 रुपए पर बंद हुआ था।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
वित्त वर्ष 25 की मार्च तिमाही में मुथूट फाइनेंस का कंसोलिडेटेड मुनाफा सालना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 1,444 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 1,182 करोड़ रुपए था। पूरे वित्त वर्ष 25 के लिए कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 5,201 करोड़ रुपए पर रहा है, जो कि वित्त वर्ष 24 के मुकाबले 28 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ने स्टैंडअलोन लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) और गोल्ड लोन एयूएम दोनों में 1 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।
एयूएम में हुआ इजाफा
कंपनी की कंसोलिडेटेड ग्रॉस लोन एयूएम वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 37 प्रतिशत बढ़कर 1,22,181 करोड़ रुपए हो गई है, जो वित्त वर्ष 2024 की चौथी तिमाही में 89,079 करोड़ रुपए थी। मजबूत नतीजों के बाद कंपनी ने 26 रुपए प्रति शेयर के डिविडेंड का ऐलान किया था। यह कंपनी द्वारा शेयरधारकों को दिया गया अब तक का सबसे अधिक डिविडेंड है। (इनपुट - आईएएनएस)
