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मुकुल अग्रवाल कर रहे वैल्यू बायिंग! 5 साल में 70% लुढ़के शेयर पर लगाया दांव, जानें क्या करती है कंपनी?

दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने पिछले 5 साल से लगातार टूटते जा रहे शेयर पर दांव लगाया है। 5 साल में यह शेयर 70% गिर चुका है। जबकि, इस साल भी अब तक इसमें 27% की गिरावट आ चुकी है। आखिर कौनसी है ये कंपनी और क्यों लगाया दांव?

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मुकुल अग्रवाल ने इन स्टॉक्स पर लगाया दांव (इमेज क्रेडिट, कैन्वा)

Mukul Agrawal Portfolio: जब आम निवेशक बाजार और शेयरों में गिरावट देखकर उनसे दूरी बना लेते हैं, ऐसे में दिग्गज निवेशक वैल्यू हंटिंग करते हैं और क्वालिटी स्टॉक्स को बेहद सस्ते दाम में खरीदते हैं। देश के शीर्ष निवेशकों में शामिल मुकुल अग्रवाल ने इस साल ब्लॉक/बल्क डील के जरिये दो कंपनियों के शेयरों पर दांव लगाया है। इनमें एक तो पिछले साल ही लिस्ट हुई और शेयर लगातार गिर रहा है। वहीं, दूसरी कंपनी का शेयर पिछले 5 साल से लुढ़क रहा है और 70% तक गिर चुका है।

कौनसी कंपनियों के शेयर खरीदे

मुकुल अग्रवाल ने Tracxn Technologies और Laxmi India Finance के शेयरों पर दांव लगाया है। Tracxn Technologies का शेयर पांच साल में करीब 70% तक टूट चुका है। वहीं, लक्ष्मी इंडिया के शेयर में पिछले साल अगस्त में लिस्टिंग के बाद से अब तक 38% की गिरावट आ चुकी है। यह गिरावट सिर्फ शॉर्ट टर्म नहीं, बल्कि स्ट्रक्चरल करेक्शन की कहानी दिखाती है।

एक ही दिन दो बड़ी खरीदारी

9 फरवरी, 2026 को मुकुल अग्रवाल ने Bulk Deal के जरिए दो कंपनियों में एक साथ निवेश किया। Tracxn Technologies में करीब 20 लाख शेयर लगभग 33 रुपये के भाव पर खरीदे गए, जिसकी कुल वैल्यू करीब 6.6 करोड़ रुपये बैठती है। इसी दिन Laxmi India Finance में भी लगभग 20 लाख शेयर 92.55 रुपये के भाव पर खरीदे गए, जिससे कुल निवेश करीब 18.5 करोड़ रुपये रहा। यह एक स्पष्ट रणनीति की ओर इशारा करता है, जहां टेक और फाइनेंस दोनों सेक्टर में साथ-साथ पोजीशन बनाई गई है।

खरीदने के बाद कितने गिरे

बहरहाल, मुकुल अग्रवाल ने जिस रेट पर ये शेयर खरीदे हैं, वहां से भी ये लुढ़क चुके हैं। मुकुल अग्रवाल ने 9 फरवरी 2026 को Tracxn Technologies में करीब ₹33 प्रति शेयर और Laxmi India Finance में ₹92.55 प्रति शेयर के भाव पर खरीदारी की थी, लेकिन मौजूदा कीमतों को देखें तो Tracxn अब करीब ₹29 के आसपास और Laxmi India Finance लगभग ₹83 पर ट्रेड कर रहा है। यानी Tracxn में करीब 12% और Laxmi India Finance में करीब 10–11% की गिरावट आ चुकी है, जो यह संकेत देती है कि Big Bull की एंट्री के बाद भी दोनों स्टॉक्स में अभी तक मजबूत रिकवरी नहीं आई है और यह निवेश फिलहाल short term में दबाव में बना हुआ है।

Tracxn का बिजनेस मॉडल क्या है

Tracxn Technologies एक SaaS आधारित डेटा और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म है, जो स्टार्टअप्स, निवेशकों और कॉरपोरेट्स को प्राइवेट कंपनियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराता है। कंपनी का रेवेन्यू मुख्य रूप से सब्सक्रिप्शन मॉडल से आता है। इसका फोकस तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम पर है, जो इसे लंबी अवधि की ग्रोथ से जोड़ता है।

Laxmi India Finance क्या करती है

Laxmi India Finance एक NBFC कंपनी है, जो MSME, छोटे व्यापारियों और व्हीकल फाइनेंस से जुड़ी लोन सेवाएं देती है। इसका फोकस मुख्य रूप से सेमी-अर्बन और ग्रामीण बाजारों पर है, जहां क्रेडिट की मांग तेजी से बढ़ रही है। यह बिजनेस मॉडल ग्रोथ के साथ-साथ क्रेडिट रिस्क भी लेकर आता है।

पोर्टफोलियो का साइज और सेक्टर फोकस

मुकुल अग्रवाल का निवेश पोर्टफोलियो काफी डाइवर्सिफाइड है। उपलब्ध डेटा के मुताबिक उनके पास करीब 81 कंपनियों में हिस्सेदारी है और कुल नेटवर्थ लगभग 7700 करोड़ रुपये के आसपास है। सेक्टर के लिहाज से फार्मा में उनका सबसे ज्यादा निवेश है, जबकि IT और अन्य सेक्टर्स में भी संतुलित हिस्सेदारी दिखती है। यह रणनीति ग्रोथ और डिफेंस दोनों को बैलेंस करती है।

वैल्यू बायिंग या जोखिम भरा दांव

Tracxn जैसे 70% टूटे शेयर में एंट्री यह दिखाती है कि मुकुल अग्रवाल गिरावट में मौके तलाश रहे हैं। वहीं NBFC सेक्टर में समानांतर निवेश यह संकेत देता है कि वे भविष्य की ग्रोथ थीम्स पर भरोसा कर रहे हैं। हालांकि, ऐसे दांव में जोखिम भी उतना ही बड़ा रहता है।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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