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इन शहरों के लोग खरीदते हैं सबसे ज्यादा दोपहिया इंश्योरेंस, थर्ड पार्टी से ज्यादा अब इस पॉलिसी पर जोर

Two Wheeler Insurance: टियर-3 शहरों में टू-व्हीलर इंश्योरेंस खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या 49% है, जबकि टियर-2 शहरों में यह आंकड़ा 27% और टियर-1 शहरों में 24% है।

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टू व्हीलर इंश्योरेंस

Photo : BCCL

Two Wheeler Insurance:दोपहिया वाहन मालिकों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस सबसे लोकप्रिय विकल्प बना हुआ है। पॉलिसीबाजार के आंकड़ों के अनुसार 57% ग्राहकों ने इस विकल्प को चुना है, इसके बाद 43% ग्राहक ऐसे है जिन्होन थर्ड पार्टी कवरेज को चुना है। उपभोक्ताओं में अब ऐसी पॉलिसियों की मांग बढ़ रही है, जो केवल थर्ड पार्टी को होने वाले नुकसान को कवरेज प्रदान करने के साथ-साथ चोरी, दुर्घटनाओं, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से भी सुरक्षा प्रदान करे। इस बदलाव कॉम्प्रिहेंसिव पॉलिसी अपनाने में साल-दर-साल 8% से 10% की वृद्धि दर्ज की गई है।

जीरो डेप्रिसिएशन ऐड-ऑन ग्राहकों के बीच अधिक लोकप्रिय

आकंड़ों के अनुसार जीरो डेप्रिसिएशन ऐड-ऑन ग्राहकों के बीच बहुत अधिक लोकप्रिय विकल्प बन कर उभरा है, 78% ग्राहकों द्वारा इस ऐड-ऑन को चुना गया है। जिससे यह पता चलता है कि ग्राहक अपनी जेब से होने वाले खर्च को कम करने के लिए प्रीमियम विकल्पों की ओर झुक रहे हैं। इसके अलावा, 19% ग्राहकों ने कम्पल्सरी पर्सनल एक्सीडेंट (सीपीए) कवरेज को चुना है, जबकि 18% ग्राहकों ने रोड साइड असिस्टेंस का विकल्प चुना है, जो दोपहिया वाहन मालिकों के बीच सुविधा और व्यक्तिगत सुरक्षा के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के लिए, बैटरी कवर/शील्ड ऐड-ऑन की मांग भी बढ़ रही है।

बाइक का ज्यादा इंश्योरेंस

टू-व्हीलर वाहन अलग-अलग प्रकार के होते है। वाहनों के प्रकार के आधार पर आकड़ों को अगर देखे तो 70% लोग बाइकों के लिए इंश्योरेंस खरीदते हैं, जबकि 30% ग्राहक स्कूटर के लिए। यह आकंड़े बाजार की स्थिति को दर्शाते है, जहां रूरल और सेमी अर्बन क्षेत्रों में बाइकें ज्यादा लोकप्रिय हैं। 150-220 सीसी सेगमेंट की बाइकें, जिन्हें मुख्य रूप से रोजाना की यात्रा के लिए उपयोग किया जाता है, सबसे अधिक लोकप्रिय हैं। इसके विपरीत, स्कूटर मुख्य रूप से छात्रों, महिलाओं और शहरों के यात्रियों द्वारा अधिक पसंद किए जाते हैं।

हाई-एंड बाइकों के लिए इंश्योरेंस में तेजी

हाई-एंड बाइकों के लिए इंश्योरेंस में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो कुल इंश्योरेंस खरीदारों का 7.4% हिस्सा है। इन बाइकों की उच्च लागत और महंगी मरम्मत को देखते हुए, इनके मालिक कॉम्प्रिहेंसिव कवरेज का चयन कर रहे हैं ताकि अपने निवेश को सुरक्षित रखा जा सके।

टियर-3 शहरों में टू-व्हीलर इंश्योरेंस की मांग अधिक

टियर-3 शहरों में टू-व्हीलर इंश्योरेंस खरीदने वाले ग्राहकों की संख्या 49% है, जबकि टियर-2 शहरों में यह आंकड़ा 27% और टियर-1 शहरों में 24% है। यह ग्रामीण और छोटे शहरों में दोपहिया वाहनों के अधिक उपयोगी साधन के रूप में इस्तेमाल को दिखाता है।

(यह आर्टिकल पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के टू-व्हीलर इंश्योरेंस हेड मानस कपूर द्वारा लिखा गया है)

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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