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Railway Kawach:कवच के लिए 1100 करोड़ का आवंटन, अब तक इन रूट पर काम, जानें क्या है तैयारी

Railway Kawach: अब तक 285 स्टेशनों, 319 लोको और 1,384 किमी रेल ट्रैक पर कवच उपकरण लगाए गए हैं। दक्षिण मध्य रेलवे में 1,465 किमी मार्ग और 144 इंजनों पर तैनात किया गया है।दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के 4,275 किमी मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है और 364 टेलीकॉम टावर लगाए गए हैं।

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कवच के लिए रेलवे का प्लान

Photo : Times Now Digital

Railway Kawach:रेलवे में बड़ते हादसों के बीच लगातार कवच सिस्टम को सभी ट्रेनों में लगाने की मांग बढ़ती जा रही है। ऐसे में बजट में कवच के लिए कितना पैसा आवंटित हुआ और कितने कवच लगाए जाएंगे। इसको लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में जानकारी दी है। रेल मंत्री के अुसार वित्त वर्ष 2024-25 में स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली ‘कवच’ की स्थापना के लिए 1,112.57 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।देश में ‘कवच’ प्रणाली की स्थापना के लिए आवंटित और उपयोग की गई धनराशि के विवरण पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सांसदों- कनिमोझी करुणानिधि और रानी श्रीकुमार द्वारा उठाए गए सवालों के लिखित जवाब में उन्होंने कहा कि कवच कार्यों पर अब तक उपयोग की गई धनराशि 1,216.77 करोड़ रुपये है। वर्ष 2024-25 के दौरान आवंटन 1,112.57 करोड़ रुपये है।

अब तक कहां और कितने लगे

मंत्री ने कहा कि अब तक ‘कवच’ को दक्षिण मध्य रेलवे में 1,465 किमी मार्ग और 144 इंजनों पर तैनात किया गया है।दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर पर ‘कवच’ की स्थापना की प्रगति की जानकारी देते हुए वैष्णव ने कहा कि 4,275 किमी मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है और 364 टेलीकॉम टावर लगाए गए हैं।उन्होंने कहा कि 285 स्टेशनों, 319 लोको और 1,384 किमी रेल ट्रैक पर कवच उपकरण लगाए गए हैं।

क्या है कवच तकनीकी

‘कवच’ स्वदेशी रूप से विकसित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (एटीपी) प्रणाली है और इसके लिए उच्चतम सुरक्षा प्रमाणन की आवश्यकता होती है। कवच लोको पायलट के ब्रेक लगाने में विफल होने की स्थिति में स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर ट्रेन को निर्दिष्ट गति सीमा के भीतर चलाने में सहायता करता है और खराब मौसम के दौरान ट्रेन को सुरक्षित रूप से चलाने में भी मदद करता है। इस बार रेलवे के लिए कुल 2.62 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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