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Meta में 8000 कर्मचारियों की छंटनी, Mark Zuckerberg ने बताया- क्या है कंपनी का नया फोकस

Meta Layoffs: Meta 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगा। Mark Zuckerberg AI आधारित छोटी टीमों पर फोकस कर रहे हैं। कंपनी AI इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश कर रही है और काम करने का तरीका पूरी तरह बदल रही है।

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मेटा में छंटनी, जुकरबर्ग ने बताया नया प्लान (तस्वीर-istock)

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Meta Layoffs : Meta के CEO Mark Zuckerberg ने कंपनी की नई रणनीति को लेकर बड़ा संकेत दिया है। कंपनी 20 मई को करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है। इसके साथ ही Zuckerberg ने साफ कर दिया कि अब Meta का भविष्य छोटे लेकिन बेहद तेज और AI की मदद से काम करने वाले टीमों पर आधारित होगा। कंपनी का मानना है कि आने वाले समय में कम लोग भी पहले से ज्यादा काम कर सकेंगे।

AI की मदद से बदल रहा है काम करने का तरीका

29 अप्रैल को हुई कंपनी की पहली तिमाही की अर्निंग कॉल में मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि अब AI टूल्स की वजह से एक या दो लोग मिलकर उतना काम कर पा रहे हैं, जितना पहले बड़ी इंजीनियरिंग टीमों को महीनों में पूरा करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि Meta अब ऐसे कर्मचारियों पर ज्यादा ध्यान देगा जो कम समय में बड़ा असर पैदा कर सकें। जुकरबर्ग के मुताबिक कंपनी अपनी टीमों को छोटा और ज्यादा प्रभावी बना रही है। उनका कहना है कि Meta अब ज्यादा प्रोजेक्ट्स एक साथ शुरू करना चाहता है, लेकिन इसके लिए बड़ी टीमों की जरूरत नहीं होगी। AI की मदद से कम लोग भी तेजी से नए ऐप और फीचर्स बना सकेंगे।

रिकॉर्ड खर्च के बीच कर्मचारियों पर असर

Meta इस समय AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी इस साल 125 से 145 अरब डॉलर तक खर्च करने की तैयारी में है। यह पैसा मुख्य रूप से डेटा सेंटर, AI मॉडल ट्रेनिंग और खास कंप्यूटर चिप्स पर लगाया जाएगा। कंपनी की CFO Susan Li ने कहा कि AI इतनी तेजी से बदल रहा है कि यह तय करना मुश्किल हो गया है कि भविष्य में कंपनी को कितने कर्मचारियों की जरूरत होगी। उन्होंने माना कि AI पर बढ़ते खर्च के कारण Meta को अपने कर्मचारियों की संख्या सीमित रखनी पड़ रही है। उनके मुताबिक कंपनी अब वेतन और बड़े स्टाफ की जगह टेक्नोलॉजी और AI सिस्टम पर ज्यादा पैसा खर्च कर रही है। इसी वजह से 20 मई की छंटनी को जरूरी कदम माना जा रहा है।

निवेशकों की चिंता भी बढ़ी

Meta की इस नई रणनीति से निवेशक पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए। अर्निंग कॉल के बाद कंपनी के शेयर करीब 6 प्रतिशत तक गिर गए। निवेशकों को डर है कि AI पर इतना बड़ा खर्च और लगातार छंटनी कंपनी के अंदर अस्थिरता पैदा कर सकती है। हालांकि Meta का कहना है कि यह बदलाव लंबे समय में कंपनी को ज्यादा मजबूत और तेज बनाएगा। कंपनी अब पारंपरिक बड़ी टीमों की बजाय छोटे और हाई-परफॉर्मेंस ग्रुप्स पर भरोसा कर रही है।

AI इंसानों की जगह नहीं लेगा

छंटनी की खबरों के बीच Zuckerberg ने यह भी कहा कि AI इंसानों की जगह नहीं लेगा। उनका मानना है कि AI कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने का काम करेगा, न कि उन्हें पूरी तरह हटाने का। लेकिन कंपनी के अंदर की स्थिति कुछ अलग तस्वीर दिखा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक Meta ने “Model Capability Initiative” नाम का एक आंतरिक सिस्टम शुरू किया है, जो कर्मचारियों के काम करने के तरीके पर नजर रखता है। इसमें कीबोर्ड टाइपिंग, माउस मूवमेंट और AI टूल्स के इस्तेमाल तक को ट्रैक किया जाता है। बताया जा रहा है कि अब कर्मचारियों की परफॉर्मेंस रिव्यू में यह भी देखा जा रहा है कि वे AI का कितना प्रभावी इस्तेमाल कर रहे हैं।

कंपनी के अंदर बढ़ रही बेचैनी

Meta के अंदर काम का दबाव भी बढ़ता दिख रहा है। कई टीमों में एक मैनेजर करीबी 50 इंजीनियरों को संभाल रहा है। कंपनी इस मॉडल को “Ultraflat” स्ट्रक्चर कह रही है। वहीं कर्मचारियों के सोशल प्लेटफॉर्म Blind पर किए गए पोस्ट्स से पता चलता है कि कंपनी के अंदर मनोबल काफी नीचे पहुंच चुका है। कई कर्मचारी भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

Meta का साफ संदेश

पूरी स्थिति को देखें तो मार्क जुकरबर्ग का संदेश साफ है। Meta अब ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता देना चाहती है जो AI की मदद से अकेले या छोटी टीम में बड़ा काम कर सकें। कंपनी मानती है कि भविष्य उन्हीं लोगों का होगा जो तेजी से नए आइडिया को प्रोडक्ट में बदल सकें। इसी बदलाव के बीच हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा मंडरा रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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