सरकार ने पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि योजना और राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) समेत विभिन्न छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में एक बार फिर कोई बदलाव नहीं किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक इन योजनाओं पर दूसरी तिमाही वाली ब्याज दरें ही लागू रहेंगी। इसका मतलब है कि निवेशकों को अगले तीन महीनों में भी मौजूदा दरों के हिसाब से ही रिटर्न मिलेगा।
लगातार 10वीं तिमाही दरें स्थिर
PTI/भाषा के मुताबिक वित्त मंत्रालय ने बुधवार को जारी अधिसूचना में छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को यथावत रखने की जानकारी दी। यह लगातार 10वीं तिमाही है, जब सरकार ने इन योजनाओं की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। छोटी बचत योजनाओं की दरों में आखिरी बार वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में बदलाव किया गया था।
PPF पर 7.1 फीसदी ब्याज
लंबी अवधि के निवेश के लिए लोकप्रिय सार्वजनिक भविष्य निधि (PPF) पर ब्याज दर 7.1 प्रतिशत बनी रहेगी। वहीं डाकघर बचत खाते में जमा राशि पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। तीन साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट की ब्याज दर भी 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है।
सुकन्या योजना में 8.2 फीसदी ब्याज
बेटियों के भविष्य के लिए चलाई जा रही सुकन्या समृद्धि योजना में जमा राशि पर 8.2 प्रतिशत की ब्याज दर जारी रहेगी। यह छोटी बचत योजनाओं में मिलने वाली प्रमुख ब्याज दरों में शामिल है।
NSC और KVP पर भी बदलाव नहीं
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (NSC) पर निवेशकों को 7.7 प्रतिशत ब्याज मिलता रहेगा। वहीं किसान विकास पत्र (KVP) पर ब्याज दर 7.5 प्रतिशत रहेगी। KVP में किया गया निवेश 115 महीने में मैच्योर होगा।
मासिक आय योजना पर 7.4 फीसदी
डाकघर की मासिक आय योजना में निवेश करने वालों को अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भी 7.4 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। इस योजना में निवेश करने वाले लोगों के लिए भी नई तिमाही में ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकार के इस फैसले से छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वालों के लिए अगले तीन महीने की ब्याज दरें स्पष्ट हो गई हैं। यानी PPF, NSC, सुकन्या समृद्धि, KVP और पोस्ट ऑफिस की अन्य योजनाओं में निवेश करने वालों को अक्टूबर से दिसंबर तक वही ब्याज दरें मिलेंगी, जो जुलाई-सितंबर तिमाही में लागू थीं।
