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2 अक्टूबर का ‘No UPI Day’ कैंसिल, वित्त मंत्री से मुलाकात के बाद ट्रेडर्स ने वापस लिया विरोध

2 अक्टूबर को होने वाला No UPI Day प्रदशर्न अब रद्द हो गया है। MDR चार्ज के खिलाफ आयोजित किए जाने वाले इस प्रदर्शन को व्यापारियों के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात के बाद टाल दिया।

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यूपीआई एमडीआर के खिलाफ प्रदर्शन रद्द

No UPI Day on UPI MDR : 2 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘No UPI Day’ अब नहीं होगा। ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF) और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के प्रतिनिधियों ने 30 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक की है। इस बैठक में वित्त मंत्री से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद व्यापारियों ने इस विरोध प्रदर्शन को वापस लेने का फैसला लिया है।

दोनों संगठनों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

वित्त मंत्री से मिला आश्वासन

सत्ताधारी भाजपा के सांसद प्रवीण खंडेलवाल की अगुवाई में व्यापारी संगठनों का प्रतिनिधिमंडल वित्त मंत्री से मिला और प्रस्तावित UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर अपनी चिंताएं और सुझाव सरकार के सामने रखे। बैठक के बाद संगठनों ने कहा कि बातचीत के दौरान मिले आश्वासन को देखते हुए 2 अक्टूबर का ‘No UPI Day’ वापस लिया जा रहा है।

व्यापारियों ने सरकार के सामने रखीं ये मांगें

AICPDF और AIMRA ने सरकार के सामने MDR को लगू करने की डेडलाइन को टालने की मांग की है। संगठनों का कहना है कि आने वाला त्योहारी सीजन व्यापारियों के लिए बेहद अहम है और इस दौरान कारोबार में तेजी रहती है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि व्यापारियों ने ₹1 लाख की सीमा की समीक्षा की है, जिसके आधार पर इस सीमा को बढ़ाकर ₹5 लाख करने पर विचार करने की मांग रखी गई है। इसके साथ ही मर्चेंट टू मर्चेंट यानी M2M ट्रांजैक्शन को MDR के दायरे से बाहर रखने की मांग की गई है। व्यापारी संगठनों ने इन मुद्दों की विस्तार से समीक्षा के लिए एक स्पेशल कमिटी बनाने का सुझाव भी दिया है।

NO UPI Day पर साझा वक्तव्य

NO UPI Day पर साझा वक्तव्य

15 अक्टूबर से 0.4% MDR का प्रस्ताव

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर, 2026 से चुनिंदा पर्सन टू मर्चेट (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होना है। यह MDR ₹2,000 से ज्यादा के पात्र मर्चेंट UPI पेमेंट पर लागू होगा। जबकि, ₹2,000 तक के ऐसे पेमेंट और पर्सन टू पर्सन (P2P) ट्रांजैक्शन को MDR से बाहर रखा गया है।

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला

UPI MDR को लेकर मामला Supreme Court तक पहुंच चुका है। 28 सितंबर, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए ₹2,000 से ज्यादा के चुनिंदा UPI P2M ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR की प्रस्तावित व्यवस्था पर तत्काल रोक लगाने से इनकार किया था। हालांकि, कोर्ट ने मामले में केंद्र सरकार, RBI और NPCI से जवाब भी मांगा है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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