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शेयर बाजार में तबाही जारी, निफ्टी 400 अंक लुढ़का, सेंसेक्स में 1131 अंक की गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत कमजोर रही। सेंसेक्स करीब 590 अंक टूटकर खुला जबकि निफ्टी 177 अंक गिरकर 23,462 के आसपास पहुंच गया। लगातार दूसरे दिन बिकवाली के दबाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार खुलते ही लाल निशान में कारोबार करता दिखा।

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फिर थर्राया बाजार

Share Market Today: घरेलू शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स 590 अंक टूटकर खुला जबकि निफ्टी 177 अंक गिरकर 23,462 पर आ गया। बैंकिंग, ऑटो और आईटी शेयरों में शुरुआती बिकवाली से बाजार दबाव में नजर आया। लगातार दूसरे दिन बिकवाली के दबाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार खुलते ही लाल निशान में कारोबार करता दिखा।

दोपहर बाद बड़ी गिरावट

दोपहर करीब 12:25 पर शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई और बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स जहां 1130.84 अंक नीचे तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 400 अंक की गिरावट के साथ 23,300 के अहम सपोर्ट लेवल को तोड़कर 23,236.90 तक गिर गया। बाजार में मार्च में अब तक 9 कारोबारी सत्र में 7 में बिकवाली रही है। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी 10 फीसदी तक गिर गए हैं।

शुरुआती कारोबार में ही बाजार पर दबाव

सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार ने कमजोर शुरुआत की। कारोबार शुरू होते ही BSE सेंसेक्स 590 अंक गिरकर 75,444 पर खुला, जबकि NSE निफ्टी 177 अंक फिसलकर 23,462 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखा। खासतौर पर बैंकिंग और ऑटो शेयरों में कमजोरी के चलते प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में कमजोरी

बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों से देखने को मिला। निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 1% गिरकर 54,592 के आसपास कारोबार करता दिखा। बैंकिंग शेयरों में आई इस कमजोरी का सीधा असर प्रमुख इंडेक्स पर पड़ा क्योंकि इनका वेटेज बाजार में सबसे ज्यादा होता है।

ऑटो और आईटी सेक्टर भी दबाव में

ऑटो और आईटी सेक्टर के शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 1% से ज्यादा गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा। वहीं आईटी सेक्टर में भी हल्की बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार की धारणा कमजोर बनी रही।

बाजार में बढ़ी अस्थिरता

बाजार में अस्थिरता का संकेत देने वाला India VIX 21 के ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि निवेशकों के बीच अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

विश्लेषकों का मानना है कि जब तक वैश्विक संकेत मजबूत नहीं होते और कमोडिटी बाजार में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

कैसा है कमोडिटी मार्केट का हाल?

MCX मार्केट हीटमैप के मुताबिक आज कमोडिटी बाजार में मिश्रित रुख दिखाई दे रहा है। बिजली (Electricity) में सबसे ज्यादा तेजी दिखी और इसका कॉन्ट्रैक्ट करीब 6% उछलकर 560 रुपये के आसपास पहुंच गया। वहीं Natural Gas और Crude Oil में हल्की बढ़त दर्ज हुई, जो क्रमशः करीब 0.87% और 0.65% ऊपर रहे। दूसरी ओर कीमती और औद्योगिक धातुओं में दबाव देखने को मिला। Gold, Gold Mini, Silver, Copper, Zinc और Aluminium जैसे धातु कॉन्ट्रैक्ट हल्की गिरावट में कारोबार करते दिखे, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल कमोडिटी बाजार में निवेशक ऊर्जा से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की ओर ज्यादा झुकाव दिखा रहे हैं, जबकि मेटल्स में मुनाफावसूली जारी है।

रुपये में कमजोरी बढ़ी

भारतीय रुपया शुक्रवार (13 मार्च) को डॉलर के मुकाबले कमजोर खुला। इंटरबैंक फॉरेक्स बाजार में रुपया 16 पैसे गिरकर 92.35 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि गुरुवार को यह 92.19 पर बंद हुआ था। वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव से रुपये पर दबाव बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड करीब 9% उछलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी है। पिछले सत्र में रुपया 92.35 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था, हालांकि बाद में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संभावित हस्तक्षेप से इसमें हल्की रिकवरी देखने को मिली।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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