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बाजार में बिकवाली का तूफान! 6 लाख करोड़ साफ, Nifty 200, Sensex 650 अंक लुढ़के

शेयर बाजार में बिकवाली का तूफान आया हुआ है। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार गिरावट जारी है। बाजार खुलते ही Nifty 200 और Sensex 650 अंक लुढ़क गया।

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शेयर बाजार में गिरावट

Share Market Today Sensex Nifty : शेयर बाजार में आज फिर कोहराम मचा है। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट आई है। सेंसेक्स जहां 650 अंक से ज्यादा फिसलकर 72,064 तक लुढ़क गया। वहीं, निफ्टी 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 22,569.65 तक लुढ़क गया है। बिकवाली सिर्फ बेंचमार्क इंडेक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि चौतरफा है।

बाजार पर बिकवाली का दबाव मार्केट ब्रेड्थ में साफ दिख रहा है। NSE पर 3,225 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें से 721 में तेजी और 2,427 में बिकवाली हावी है। इसी तरह BSE पर 3,850 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हो रही है। इनमें से 1,096 में खरीदारी और 2,555 में बिकवाली हावी है। इसके अलावा Nifty Bank, Nifty IT जैसे इंडेक्स भी लुढ़क गए हैं।

सुबह-सुबह 6 लाख करोड़ साफ

बाजार में चौतरफा बिकवाली की वजह से निवेशकों को सुबह-सुबह करीब 6 लाख करोड़ की चपत लगी है। सोमवार 28 सितंबर को लिस्टेड भारतीय कंपनियों को टोटल मार्केट कैप करीब 4,75,43,563.067 करोड़ रुपये था, जो मंगलवार सुबह 5,84,899.657 करोड़ रुपये घटकर 46958663.41 करोड़ रुपये रह गया है।

किन वजहों से लुढ़क रहा बाजार?

बाजार पर सबसे बड़ा दबाव महंगे कच्चे तेल (Crude Oil) का है। Brent crude करीब $107 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव और क्रूउ की सप्लाई को लेकर चिंता के बीच तेल की कीमतें भारत के लिए अहम रिस्क बन गई है। महंगा क्रूड असल में महंगाई बढ़ाता है। इसी वजह से विदेशी निवेशकों का रुख भी नेगेटिव बना हुआ है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में कमजोरी और US Treasury yields में तेजी ने भी सेंटिमेंट खराब किया है। इसके अलावा मंगलवार को एशियाई बाजारों में Nikkei, KOSPI और Hang Seng समेत कई प्रमुख इंडेक्स दबाव में रहे।

IT, Bank और FMCG शेयरों में भी बिकवाली

सेक्टोरल ट्रेंड की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में Nifty IT करीब 1.25%, Financial Services करीब 1.08%, Private Bank 1.13%, FMCG 1.12% और Oil & Gas करीब 1.14% नीचे थे। Media index में गिरावट 1.64% रही। हालांकि Pharma और Healthcare जैसे कुछ defensive sectors में हल्की बढ़त बनी हुई थी। यानी बाजार में फिलहाल बिकवाली सिर्फ किसी एक sector तक सीमित नहीं है, बल्कि broad-based selling दिखाई दे रही है।

22,600 से नीचे बढ़ा और खतरा

अब सबसे बड़ा सवाल है कि गिरावट कहां थमेगी? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Nifty जून 2026 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर से भी नीचे फिसल गया है। फिलहाल, इंडेक्स ने वीकली और डेली टाइमफ्रेम एक लार्ज बेयरिश मारूबोजू कैंडल (Large Bearish Marubozu Candle) बनाई है और गिरावट लगातार आठवें हफ्ते तक पहुंच गई है। हालांकि, मोमेंटम इंडिकेटर के ओवरसोल्ड जोन में पहुंचने के कारण नियर टर्म में एक पुलबैक की संभावना बनी हुई है। इसकी वजह से Nifty में 23,020 तक recovery देखने को मिल सकती है। लेकिन बड़ा ट्रेंड कमजोर बना रहता है, तो सबसे अहम level 22,600 रहेगा। अगर Nifty इस लेवल के नीचे फिसलता है, तो गिरावट तेज होकर 21,800 के तक जा सकती है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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