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Karvy Investor Services: कार्वी इन्वेस्टर सर्विसेज का इनवेस्टमेंट बैंकिंग लाइसेंस रद्द, जानें SEBI ने क्यों उठाया ये कदम

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Mar 29, 2024, 10:59 AM IST

Karvy Investor Services: कंपनी के एम्प्लॉयमेंट में मर्चेंट बैंकिंग बिजनेस के संचालन में अनुभव रखने वाले कम से कम दो शख्स भी नहीं थे। KISL के डायरेक्टर्स में से एक कोमांदुर पार्थसारथी, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (KSBL) में भी डायरेक्टर थे, जिसे 2019 और 2020 में पारित आदेशों के माध्यम से नए ग्राहकों को लेने से रोक दिया गया था।

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Karvy Investor Services: कार्वी इन्वेस्टर सर्विसेज का इनवेस्टमेंट बैंकिंग लाइसेंस रद्द, जानें SEBI ने क्यों उठाया ये कदम

Karvy Investor Services: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने मर्चेंट बैंकर कार्वी इन्वेस्टर सर्विसेज (KISL) का इनवेस्टमेंट बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। SEBI ने जब जांच की तो उसे मर्चेंट बैंकर के पास जरूरी इन्फ्रॉस्ट्रक्चर जैसे - इक्विपमेंट, पर्याप्त ऑफिस स्पेस और मैनपावर नहीं मिला। इसके अलावा कंपनी के एम्प्लॉयमेंट में मर्चेंट बैंकिंग बिजनेस के संचालन में अनुभव रखने वाले कम से कम दो शख्स भी नहीं थे। KISL के डायरेक्टर्स में से एक कोमांदुर पार्थसारथी, कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड (KSBL) में भी डायरेक्टर थे, जिसे 2019 और 2020 में पारित आदेशों के माध्यम से नए ग्राहकों को लेने से रोक दिया गया था।

पिछले दो साल से कंपनी कामकाज नहीं कर रही

KISL का काम इसके रजिस्टर्ड एड्रेस और कॉर्पोरेट ऑफिस से ऑपरेट नहीं किया जा रहा था। जबकि जांच करने वाले को बताया गया कि KISL ने अपना कोरेस्पोंडेंस एड्रेस एक नए लोकेशन पर शिफ्ट कर दिया है। वहीं, रजिस्टर्ड एड्रेस पर कार्वी डेटा मैनेजमेंट सर्विसेज (KDMSL) काम करती हुई पाई गई। KDMSL के मैनेजिंग डायरेक्टर वी महेश ने सेबी अधिकारियों को बताया कि KISL वित्त वर्ष 2020 से ही इस एड्रेस पर काम नहीं कर रही है। नए कोरेस्पोंडेंस एड्रेस की जांच पर सेबी अधिकारियों ने पाया कि इस ऑफिस से भी पिछले दो साल से कंपनी कामकाज नहीं कर रही है।

एक फिट और प्रॉपर पर्सन होना जरूरी

KISL पर सेबी के आदेश में कहा गया है, "KSBL और उसके डायरेक्टर की सिक्योरिटी मार्केट से जुड़े मुकदमे में शामिल होने से नोटिस प्राप्तकर्ता (KISL) के बिजनेस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। इसके अलावा, इस अधिनियम ने MB रेगुलेशन के रेगुलेशन 6 (gg) के प्रावधान का भी उल्लंघन किया है, जिसके लिए एक मर्चेंट बैंकर को एक फिट और प्रॉपर पर्सन होना जरूरी है।" इसके अलावा, KSBL का KISL में कंट्रोलिंग इंटरेस्ट था और KSBL ने कानून के अनुसार अपनी डिस-क्वालिफिकेशन के छह महीने के भीतर KISL में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेची थी।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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