Job Change PF Transfer: बेहतर वेतन, करियर ग्रोथ और नए अवसरों की तलाश में व्यक्ति अक्सर जॉब स्विच हैं। हालांकि, नौकरी बदलने के दौरान कई लोग अपने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) खाते को लेकर जरूरी कदम उठाना भूल जाते हैं। नौकरी बदलने के साथ पीएफ ट्रांसफर किया जाना भी जरूरी है। ऐसा नहीं किया जाए तो भविष्य में कई तरह की परेशानियां खड़ी हो सकती हैं।
PF ट्रांसफर क्यों है जरूरी?
सबसे पहले यही समझें कि पीएफ ट्रांसफर जरूरी क्यों होता है। दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनुसार, पीएफ ट्रांसफर करने से आपकी रिटायरमेंट बचत एक ही जगह पर बनी रहती है और कंपाउंडिंग का पूरा लाभ मिलता है। इसके अलावा आपकी नौकरी की कुल सेवा अवधि भी लगातार जुड़ी रहती है, जो भविष्य में पेंशन संबंधी लाभ और टैक्स नियमों के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर कर्मचारी बार-बार नौकरी बदलता है लेकिन पीएफ ट्रांसफर नहीं करता, तो कई अलग-अलग खाते बन सकते हैं, जिससे रिकॉर्ड मैनेजमेंट मुश्किल हो जाता है। अच्छी बात ये है कि पीएफ ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है।
ऑनलाइन PF ट्रांसफर की प्रक्रिया
इसके लिए सबसे पहले कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक्टिव होना चाहिए। साथ ही आधार, बैंक खाता और मोबाइल नंबर UAN से लिंक होना जरूरी है।
इसके बाद कर्मचारी को EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। लॉग इन करने के बाद “Online Services” सेक्शन में जाकर “One Member – One EPF Account (Transfer Request)” विकल्प चुनना होगा। यहां पुराने और नए नियोक्ता से जुड़ी जानकारी दिखाई देगी, जिसे वेरिफाइ करना होता है। इसके बाद कर्मचारी अपने पुराने या वर्तमान नियोक्ता में से किसी एक को वेरिफिकेशन के लिए चुन सकता है।
आखिरी चरण में UAN से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज कर ट्रांसफर अनुरोध सबमिट किया जाता है। आवेदन जमा होने के बाद उसकी स्थिति “Track Claim Status” विकल्प में देखी जा सकती है।
इन बातों का रखें ध्यान
पीएफ ट्रांसफर अनुरोध करने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि पुराना नियोक्ता EPFO रिकॉर्ड में आपकी नौकरी छोड़ने की तारीख (Date of Exit) अपडेट कर चुका हो। अगर यह जानकारी दर्ज नहीं है, तो ट्रांसफर प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इसके अलावा एक पुराने पीएफ खाते के खिलाफ केवल एक ट्रांसफर अनुरोध ही किया जा सकता है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे दो UAN होना या किसी एक्सेम्प्टेड संस्थान में कार्यरत रहना, ऑफलाइन प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। ऐसे मामलों में फॉर्म 13 भरकर संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है।
