नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) सिर्फ बुढ़ापे की बचत या पीएफ (PF) का पैसा जमा करने का जरिया नहीं है, बल्कि यह संकट के समय परिवार के लिए एक बहुत बड़ा सहारा भी साबित होता है। अक्सर लोग पीएफ खाते को केवल रिटायरमेंट फंड के रूप में देखते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि ईपीएफओ अपने सदस्यों को मुफ्त जीवन बीमा और पारिवारिक पेंशन की सुरक्षा भी देता है। अगर किसी दुर्भाग्यपूर्ण कारण से नौकरी के दौरान ही किसी ईपीएफओ सदस्य (कर्मचारी) की मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार या नामांकित व्यक्ति (Nominee) को वित्तीय संकट से बचाने के लिए ईपीएफओ कई तरह के लाभ देता है। हालांकि, सही जानकारी न होने की वजह से कई बार पीड़ित परिवार इन हकों को क्लेम करने से चूक जाते हैं। इस विषय पर लोगों के मन में कई तरह के सवाल और कन्फ्यूजन रहते हैं, जैसे कि क्या परिवार को 7 लाख का बीमा मिलेगा या हर महीने पेंशन? आइए,जानते हैं EPFO Death Claim से जुड़े 5 सबसे बड़े सवालों के सटीक जवाब।
EPFO मेंबर की मौत के बाद क्या क्या मिलता है?
सवाल 1: क्या ईपीएफओ सदस्य की मौत पर सच में ₹7 लाख का बीमा मिलता है?
जी हां, ईपीएफओ के तहत आने वाली 'कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना' (EDLI Scheme) के तहत सभी पीएफ खाताधारकों को मुफ्त जीवन बीमा की सुविधा मिलती है। इसके लिए कर्मचारी की सैलरी से कोई पैसा नहीं कटता, बल्कि इसका पूरा प्रीमियम कंपनी (Employer) द्वारा भरा जाता है। अगर किसी सदस्य की सेवा अवधि (Service Period) के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो उसके नॉमिनी या कानूनी वारिस को अधिकतम 7 लाख तक का मृत्यु लाभ (Death Benefit) मिलता है। इस योजना के तहत मिलने वाली न्यूनतम राशि 2.5 लाख तय की गई है। यानी अगर किसी कर्मचारी ने कम समय भी नौकरी की है, तो भी उसके परिवार को कम से कम ढाई लाख रुपये का बीमा क्लेम जरूर मिलेगा।
सवाल 2: 7 लाख के बीमा के साथ क्या परिवार को हर महीने पेंशन भी मिलेगी?
कई लोगों को लगता है कि बीमा और पेंशन में से कोई एक ही चीज चुनी जा सकती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु होने पर परिवार बीमा राशि और मासिक पेंशन दोनों का हकदार होता है। कर्मचारी की मौत के बाद उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) को आजीवन 'विधवा/विधुर पेंशन' मिलती है। इसके साथ ही, सदस्य के बच्चों को भी (अधिकतम दो बच्चों को 25 वर्ष की आयु होने तक) हर महीने बाल पेंशन (Children Pension) दी जाती है। अगर कर्मचारी अविवाहित था, तो उसके माता-पिता इस पेंशन के हकदार हो सकते हैं। यह पेंशन ईपीएस-95 (Employees' Pension Scheme) के नियमों के तहत तय होती है।
सवाल 3: अगर कर्मचारी ने एक साल में कई कंपनियां बदली हैं, तो क्या बीमा का पैसा मिलेगा?
यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण सवाल है। पहले के नियमों के मुताबिक, बीमा का लाभ पाने के लिए एक ही कंपनी में लगातार 12 महीने काम करना जरूरी था। लेकिन ईपीएफओ ने नियमों को आसान बनाते हुए इसमें बड़ा बदलाव किया है। अब अगर कर्मचारी ने अपनी मृत्यु से पहले के 12 महीनों के दौरान एक से अधिक कंपनियों में काम किया है (यानी लगातार नौकरियां बदली हैं), तो भी उसका परिवार ₹7 लाख तक के इस बीमा क्लेम का हकदार होगा। शर्त बस इतनी है कि वह मृत्यु के समय ईपीएफओ का सक्रिय सदस्य होना चाहिए और उसकी नौकरी जारी रहनी चाहिए।
सवाल 4: परिवार को पीएफ खाते में जमा पूरा पैसा और उस पर ब्याज कैसे मिलता है?
बीमा और पेंशन के अलावा, कर्मचारी के पीएफ (Provident Fund) खाते में जो भी रकम जमा होती है, वह पूरी तरह से सुरक्षित रहती है। सदस्य की मृत्यु के बाद उस खाते में जमा कुल राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज (जैसे वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ईपीएफओ की अनुशंसित 8.25% ब्याज दर) नॉमिनी को एकमुश्त (Lump Sum) सौंप दिया जाता है। इस पैसे को पाने के लिए नॉमिनी को फॉर्म 20 भरना होता है। इसके साथ ही, ईपीएस खाते में जमा राशि की निकासी के लिए फॉर्म 10डी (पेंशन के लिए) या फॉर्म 10सी (अगर सेवा अवधि 10 साल से कम है) जमा करना पड़ता है।
सवाल 5: इन सभी फायदों को पाने के लिए परिवार को क्लेम कैसे और कहां करना होगा?
ईपीएफओ सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार को इन सभी लाभों (PF, पेंशन और EDLI बीमा) को पाने के लिए अलग-अलग भटकने की जरूरत नहीं होती। ईपीएफओ ने इसके लिए एक संयुक्त फॉर्म (Composite Claim Form) जारी किया हुआ है। नॉमिनी को कर्मचारी के मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate), बैंक खाता पासबुक, आधार कार्ड और गवाहों के हस्ताक्षर के साथ इस फॉर्म को भरकर संबंधित ईपीएफओ कार्यालय में जमा करना होता है। अगर नियोक्ता (कंपनी) सहयोग नहीं कर रही है, तो नॉमिनी सीधे स्थानीय पीएफ कमिश्नर के पास जाकर भी अपने दस्तावेजों को सत्यापित करवाकर क्लेम दाखिल कर सकता है। सभी दस्तावेज सही होने पर ईपीएफओ 30 दिनों के भीतर क्लेम राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर देता है।
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