वित्त वर्ष 2025-26 (AY 2026-27) के लिए ITR filing की शुरुआत हो गई है। आयकर विभाग की वेबसाइट के जरिये आप अब रिटर्न फाइल कर सकते हैं। बता दें कि हाल के सालों में आयकर विभाग ने टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। हालांकि, इसके बावजूद रिटर्न भरने से पहले जरूरी पेपर वर्क करना जरूरी होता है। ऐसा नहीं करने पर गलत रिटर्न भरने का चांस बढ़ जाता है, जिससे बाद में नोटिस मिलने और टैक्स रिफंड फंसने का चांस अधिक होता है।
कौन-कौन डॉक्यूमेंट्स रिटर्न भरने में जरूरी
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (AY 2026-27) के लिए अपना ITR फाइल करते समय आप अपनी इनकम स्टेटमेंट, टैक्स से जुड़े डॉक्यूमेंट्स, बैंक डिटेल्स और इन्वेस्टमेंट के सबूत पहले से ही तैयार रखें। नीचे पूरी लिस्ट देखें।
1. PAN, आधार और बेसिक डिटेल्स: अपना आधार कार्ड तैयार रखें और सुनिश्चित करें कि यह PAN से लिंक हो। इसके अलावा, अपना मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और मौजूदा घर का पता जरूर वेरिफाई कर लें, क्योंकि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट OTP वेरिफिकेशन के लिए इन्हीं का इस्तेमाल करता है।
2. फॉर्म 16 (Form 16): इसे TDS सर्टिफिकेट भी कहा जाता है, जो आपको आपकी कंपनी (Employer) की तरफ से मिलता है। अगर आपने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो मौजूदा और पुरानी दोनों कंपनियों से इसे ले लें।
3. फॉर्म 26AS और AIS: टैक्सपेयर्स इन दोनों फॉर्म को इनकम टैक्स पोर्टल से डाउनलोड कर सकते हैं। Form 26AS आपकी सालाना टैक्स स्टेटमेंट होती है, जिसमें TDS और TCS की पूरी जानकारी होती है।
4. इंटरेस्ट सर्टिफिकेट: फाइनेंशियल ईयर के दौरान सेविंग्स अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से हुई सटीक ब्याज की कमाई की जानकारी देने के लिए अपने सभी बैंक स्टेटमेंट्स पास रखें। बैंक सेविंग्स अकाउंट और FD पर इंटरेस्ट सर्टिफिकेट भी जारी करते हैं, उन्हें कलेक्ट कर लें।
5. इन्वेस्टमेंट प्रूफ: अगर आप पुरानी टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) के तहत टैक्स छूट का दावा कर रहे हैं, तो अपने सभी निवेशों के प्रूफ तैयार रखें। इसमें लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम की रसीद, PPF और SSY जैसी छोटी बचत योजनाओं के डिपॉजिट, ELSS (म्यूचुअल फंड) इन्वेस्टमेंट और होम लोन के प्रिंसिपल रीपेमेंट की डिटेल्स शामिल हैं।
6. रेंट रसीद और HRA रिकॉर्ड्स: अगर आप हाउस रेंट अलाउंस (HRA) पर टैक्स छूट का दावा करना चाहते हैं, तो किराए की रसीदें (Rent Receipts) और रेंट एग्रीमेंट बेहद जरूरी दस्तावेज हैं।
7. कैपिटल गेंस रिपोर्ट: अगर आपने शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी, सोना (Gold) या किसी अन्य कैपिटल एसेट की खरीद-बिक्री की है, तो उससे जुड़े ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट्स को तैयार रखना और ITR में दिखाना बेहद जरूरी है।
9. अन्य सोर्सेज से कमाई के सबूत: अगर आपको फ्रीलांस काम, पेंशन, डिविडेंड (लाभांश) या घर के किराए से कोई अतिरिक्त कमाई होती है, तो उनसे जुड़े इनवॉइस या दस्तावेज भी अपने पास तैयार रखें।
31 जुलाई तक फाइल कर लें अपना रिटर्न
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई, 2026 है। यह तारीख उन लोगों और ज्यादातर टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनके अकाउंट्स का ऑडिट करवाना जरूरी नहीं है। अगर आप यह तय तारीख चूक जाते हैं, तो भी आप 31 दिसंबर, 2026 तक 'बिलेटेड रिटर्न' (देरी से भरा गया रिटर्न) फाइल कर सकते हैं; लेकिन ऐसा करने पर आपकी इनकम के आधार पर आप पर 'लेट फाइलिंग फीस' (देरी से फाइल करने का शुल्क) लगेगा।
